प्रदेश में 12 फीसदी सर्विस टैक्स और पांच फीसदी एंट्री टैक्स चुकाकर ऑनलाइन माल बेचने वाली कंपनियां भी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में आ गई हैं। प्रमुख एक दर्जन कंपनियों में से अधिकतर जीएसटी पोर्टल पर अपना पंजीयन (माइग्रेशन) करा चुकी हैं। अब इन कंपनियों को पहले से अधिक टैक्स चुकाना पड़ेगा।
वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर एवं मास्टर ट्रेनर (जीएसटी) डॉ. शिव आसरे सिंह के मुताबिक अमेजन, फ्लिपकार्ट, गोआईबीबो, मंत्रा, ग्रोफर्स, जस्ट डायल, नापतौल, होम शॉप-18 सहित कई कंपनियों ने ऑनलाइन माल बेचने के लिए अलग-अलग सेक्टर में वैट के तहत पंजीयन करा रखा था, जो पांच फीसदी एंट्री टैक्स चुकाती हैं।
एक जुलाई से इन कंपनियों को जीएसटी के तहत जिस वस्तु पर टैक्स का जो रेट तय हुआ है, उसे चुकाना होगा। अब तक 12 फीसदी सर्विस टैक्स और पांच फीसदी एंट्री टैक्स कुल 17 फीसदी टैक्स से काम चल रहा था, लेकिन एक जुलाई से इन कंपनियों को माल की बिक्री पर 28 फीसदी तक जीएसटी भरना पड़ेगा। नई व्यवस्था में वाणिज्य कर विभाग को पहले से अधिक राजस्व हासिल होगा।