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UP News: ‘हमारा हक हमें मिले’, IAS अफसरों की तैनाती पर GST अधिकारी खफा; सीएम योगी से मिलकर रखेंगे अपनी बात

Tue, 11 Aug 2026 07:53 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

राज्य कर विभाग में आईएएस की एंट्री पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अपर आयुक्त ग्रेड-1 के 22 पदों में तीन पर आईएएस अफसर तैनात किए गए हैं। इस पर संघ ने विभागीय संवर्ग से नियुक्ति का नियम लागू करने की मांग उठाई है। अब सीएम योगी से मिलकर अपनी बात रखेंगे। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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यूपी में राज्य कर विभाग में अपर आयुक्त ग्रेड-1 के पदों पर आईएएस अधिकारियों की तैनाती और कैडर रीस्ट्रक्चरिंग के मुद्दे को लेकर जीएसटी ऑफिसर्स सर्विस एसोसिएशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का समय मांगेगा। नवनिर्वाचित अध्यक्ष विजय सिंह विसेन और महासचिव मनोज कुमार मिश्र ने ऐसी नियुक्तियों पर रोक लगाने और विभाग के कैडर का नए सिरे से पुनर्गठन करने की मांग की है।

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राज्य कर विभाग में अपर आयुक्त ग्रेड-1 के 22 पद स्वीकृत हैं। विभागीय नियमावली के मुताबिक इन पदों पर नियुक्ति विभागीय संवर्ग से पदोन्नति के जरिये होनी चाहिए। संघ का दावा है कि इसके बावजूद अब तक तीन आईएएस अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है। 

एसोसिएशन ने संबंधित नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग की है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि विभाग के कई अधिकारी 20-25 वर्ष का अनुभव रखते हैं और करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने वाले विभाग में विशेषज्ञता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

नए पद सृजित हों, पदोन्नति व्यवस्था समयबद्ध हो...

जीएसटी लागू होने के बाद ऑनलाइन कर व्यवस्था, डाटा विश्लेषण, ई वे बिल, इनपुट टैक्स क्रेडिट और कर चोरी की निगरानी से काम का दायरा बढ़ा है। ऐसे में पदों और जिम्मेदारियों का नए सिरे से आकलन कर नए पद सृजित किए जाएं और पदोन्नति व्यवस्था समयबद्ध हो। 

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एसोसिएशन ने कार्यालयों व फील्ड इकाइयों में पर्याप्त कार्यस्थल, वाहन, कंप्यूटर, इंटरनेट और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने, राज्य कर अधिकारियों को प्रांतीय राजस्व सेवा (पीआरएस) कैडर का दर्जा देने तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में हुई कथित अतार्किक दंडात्मक कार्रवाई और प्रतिकूल प्रविष्टियों की समीक्षा की मांग भी की है।

विभाग के सामने प्रमुख चुनौतियां

जीएसटी के बाद ऑनलाइन कर व्यवस्था, डाटा विश्लेषण, ई वे बिल, इनपुट टैक्स क्रेडिट और कर चोरी की निगरानी से अधिकारियों की जिम्मेदारियां बढ़ी हैं। संघ के अनुसार आधुनिक कर प्रशासन के लिए तकनीकी संसाधनों के साथ कार्यालय और फील्ड ढांचे को भी मजबूत करना जरूरी है।

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