राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय।
लखनऊ। असाध्य रोगों के उपचार में आयुर्वेद के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, टूड़ियागंज की ओपीडी में रोजाना 500 से 600 मरीज पहुंच रहे हैं। पिछले साल करीब सवा लाख मरीजों ने यहां स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। चिकित्सालय प्रशासन के मुताबिक, ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
चिकित्सालय के डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि बाल रोग विभाग में 2019 से हर महीने पुष्य नक्षत्र पर जन्म से 12 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क स्वर्णप्राशन कराया जा रहा है। इसके लिए हर माह करीब 150 बच्चे पहुंचते हैं। उनके अनुसार, इससे बच्चों को बार-बार सर्दी-खांसी, सांस की परेशानी और मौसम बदलने पर होने वाले बुखार जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है।
क्षारसूत्र और पंचकर्म से भी उपचार
शल्य तंत्र विभाग की ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज क्षारसूत्र चिकित्सा के लिए आते हैं। इस पद्धति का इस्तेमाल बवासीर और भगंदर जैसी समस्याओं के उपचार में किया जाता है। वहीं, पंचकर्म विभाग में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज उपचार कराते हैं। नेत्र रोग, काय चिकित्सा और स्वस्थवृत्त विभाग में भी विभिन्न रोगों के उपचार और स्वास्थ्य संरक्षण के लिए मरीज पहुंच रहे हैं।
उत्तर बस्ती से गर्भधारण में मदद का दावा
प्रसूति तंत्र विभाग में उत्तर बस्ती चिकित्सा के जरिये बांझपन का उपचार किया जा रहा है। चिकित्सालय प्रशासन का दावा है कि कुछ महिलाओं को इस उपचार से लाभ मिला है, जिन्हें पहले आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) कराने का विकल्प बताया गया था।