लखनऊ। ईंधन संकट के बीच पर्यावरण अनुकूल और किफायती विकल्पों की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते कृषि क्षेत्र में ईवी ट्रैक्टरों का क्रेज भी काफी देखा जा रहा है।
ईवी ट्रैक्टर इंडस्ट्री से जुड़े पंकज गोयल के अनुसार, ये ट्रैक्टर पारंपरिक डीजल वेरिएंट की तुलना में लगभग 60% तक की आर्थिक बचत करते हैं। मात्र 300 रुपये के खर्च में यह ईवी ट्रैक्टर फुल चार्ज हो जाता है। इनमें 38.4 किलोवाट की एलएफपी बैटरी है, जो 32 किलोवाट की लिक्विड कूल्ड मोटर को ईंधन देती है। उन्होंने बताया कि पिछले साल 240 ईवी ट्रैक्टर बेचे गए थे, जबकि इधर चार महीने में ही 50 ट्रैक्टर बिक चुके हैं।
वहीं, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रतीक जैन बताते हैं कि पिछले साल प्रदेश भर में मई में 12,809 ट्रैक्टर बिके थे, इस साल यह आंकड़ा 13,880 तक पहुंच गया है।
ईवी कारों के लिए लंबी वेटिंग
इधर, ईवी कारों के लिए तीन महीने से दो से तीन महीनों की वेटिंग चल रही है। मांग के मुताबिक आपूर्ति न हो पाने और इनपुट लागत बढ़ने से अगले महीने से ईवी कारों पर 3 प्रतिशत तक महंगाई बढ़ सकती है। एक ईवी कार कंपनी के मैनेजर आरिफ खान बताते हैं कि वैसे तो लखनऊ में हर महीने 250-325 ईवी कारें बिक जाती थीं, लेकिन इस वक्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वहीं, प्रतीक जैन बताते हैं कि पिछले साल मई में प्रदेश भर में 38,124 कारें बिकी थीं, इस साल यह आंकड़ा 42,374 हो गया है।