बहराइच जिले के आंबा बिछिया मार्ग पर बुधवार रात जंगली हाथियों का झुंड आ गया। हाथियों को सड़क पर देख वाहनों के पहिए थम गए। लगभग एक घंटे बाद हाथी जंगल में गए तब जाकर आवागमन बहाल हो सका। इस दौरान राहगीरों में अफरातफरी का माहौल रहा।
कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक आबादी की ओर और बढ़ गया। बुधवार रात नौ बजे आम्बा-बर्दिया गांव की ओर शादी में शामिल होने व निजी कार्य से गए बड़ी संख्या में राहगीर बिछिया व अन्य स्थानों के लिए वापस घर लौट रहे थे। तभी आम्बा गांव के निकट बीच सड़क पर जंगली हाथियों झुंड सड़क पर डटा देखा।
ये भी पढ़ें - विधान परिषद में योगी बोले, छह साल तक पसीना बहाया तब यूपी के बारे में लोगों की धारणा बदली
ये भी पढ़ें - 19 साल बाद कार्रवाई: विधायक की पिटाई करने वाले सीओ समेत पांच पुलिसकर्मी विशेषाधिकार हनन के दोषी
इस बीच सड़क हाथियों के डटे रहने से दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहनों का जाम लग गया। वहीं हाथियों के झुंड को वाहनों की ओर बढ़ता देख राहगीरों में अफरातफरी मच गई। राहगीर दहशत में रहे। हाथियों का झुंड करीब एक घंटे तक सड़क पर चहलकदमी करता रहा और सड़क पर गिरे गन्ने खाकर अपनी भूख मिटाता रहा। राहगीर बिछिया निवासी फरीद अंसारी, सोनू खान, समीर हाशमी, शिवम कौशल और ओमकार कौशल आदि आम्बा से बिछिया अपने घर लौट रहे थे तभी सड़क पर अचानक हाथियों को देख कर सभी वापस हो गए।
आम्बा पहुच कर फरीद अंसारी ने डीएफओ आकाशदीप बधावन को फोन कर मदद मांगी लेकिन जब तक वनकर्मियों की टीम बचाव के लिए पहुंचती तब तक हाथियों का झुंड आम्बा-विशुनापुर गांव की ओर चला गया जिसके बाद राहगीरों आननफानन अपने वाहनों से बिछिया की ओर वापस हो गए। वहीं प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन ने ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर बिछिया वन बैरियर पर कुछ घंटे अवागमन रोक दिया।