फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रे हॉर्नबिल को रास आई लखनऊ की आबोहवा

Tue, 11 Jun 2019 01:48 AM IST
sahaj sahaj न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
विज्ञापन
ग्रे हॉर्नबिल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
इंडियन ग्रे हॉर्नबिल को लखनऊ की आबोहवा रास आ रही है। भारत के उप महाद्वीप के घने जंगलों में पाए जाने वाला यह पक्षी सबसे ज्यादा लखनऊ में देखा गया। लखनऊ यूनिवर्सिटी के जीव विज्ञान विभाग और वन्यजीव विज्ञान संस्था की ओर से बीते एक दशक से की जा रही साइटिंग के बाद यह रिपोर्ट सामने आई है। पक्षी विज्ञानियों ने साइटिंग के दौरान कुल 996 दफा इसे देखा, जिसमें सर्वाधिक 18.7 प्रतिशत साइटिंग लखनऊ में हुई हैं। एलयू पक्षी अध्ययनकर्ता आदेश कुमार, अंकित सिन्हा और डॉ. अमिता कनौजिया ने 2008 से 2017 तक हॉर्नबिल की साइटिंग के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है। मौजूदा अध्ययन को नागरिकों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के 43 जिलाें में अंजाम दिया गया। कुल 1210 लोगों को इसमें शामिल किया गया। खास बात रही कि इसे संरक्षित और गैर संरक्षित दोनों तरह के क्षेत्रों में दर्ज किया गया। लखनऊ में इन पक्षियों के ज्यादा दिखने की वजह लोगों की सजगता और लगातार आबाद हो रहे पार्कों को मना जा रहा है।
विज्ञापन


पार्क बने शरण स्थली
लखनऊ में ग्रे हॉर्नबिल की सबसे ज्यादा मौजूदगी की वजह राजधानी के बड़े पार्क हैं। हाल के वर्षों में इन पार्कों को तेजी से विकसित, संरक्षित और वृक्षों से आच्छादित किया गया, जिससे इन पक्षियों को एक सुरक्षित वातावरण मिला है।

खासियत : खोखले तने में बनाते हैं घोंसला
हॉर्नबिल पेड़ों के खोखले हिस्सों में घोंसला बनाते हैं। वे वर्ष-दर-वर्ष उसी पेड़ पर लौटना पसंद करते हैं, जहां पूर्व में अपने बच्चे पाल चुके होते हैं। मादा हॉर्नबिल एक छोटी दरार छोड़कर खुद को घोंसले में सील कर लेती है। नर हॉर्नबिल इसी दरार से खाद्य पदार्थ मादा को मुहैया करवाता है। हालांकि इस प्रक्रिया में काफी समय लगता है और जिस तेजी से जंगल खत्म हो रहे हैं, ऐसी स्थिति में हॉर्नबिल जैसे पक्षियों की संख्या भी घट रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कहां कितने प्रतिशत साइटिंग
लखनऊ में 18.7%,गौतमबुद्ध नगर में 7.4%, आगरा में 14.6%, कानपुर नगर में 6.9%, बरेली में 5.9%, इलाहाबाद में 5%।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें