गोमती पर बनाई जा रही डायफ्रॉम वॉल के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों को काटने की शुरुआत कर दी गई है। पराग डेयरी के सामने स्थित नदी के तट पर दर्जनों पेड़ काटे जा चुके हैं तो वहीं अब जैसे-जैसे डायफ्रॉम वॉल आगे बढ़ रही लक्ष्मण पार्क की हरियाली संकट में नजर आ रही है।
मौके पर काम कर रहे इंजीनियरों ने बताया कि डायफ्रॉम बनाने के लिए पार्क का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा नदी में मिला दिया जाएगा, ऐसे में यहां मौजूद पेड़ भी काटने होंगे।
करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये में नदी को संरक्षित करते हुए पर्यावरण सुधारने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा गोमती के चैनलाइजेशन और रिवर फ्रंट डवपलमेंट के तहत ये काम करवाए जाए रहे हैं।
गोमती के दोनों ओर डायफ्रॉम वॉल बनाई जा रही है,जिसका पहला चरण 15 अक्टूबर तक निशातगंज पुल से लेकर गोमती बैराज तक चैनलाइजेश करके पूरा किया जाना है। इसी के तहत फिलहाल भैंसाकुंड से निशातगंज पुल की ओर तेजी से काम किया जा रहा है।
इसके तहत फिलहाल गाइड वॉल बनाई जा रही है। इसके लिए रिग मशीन,बड़ी जेसीबी,क्रेन आदि का उपयोग किया जा रहा है। यह मशीनरी जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है किसी बड़े दानव की तरह गोमती के किनारे मौजूद हरियाली को लीलती जा रही है।
सबसे बड़ा खतरा लक्ष्मण पार्क पर आने वाला है। सिंचाई विभाग के सूत्रों के अनुसार गोमती के किनारे मौजूद पार्क का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा नदी में समाज जाएगा।
यह 20 प्रतिशत हिस्सा ही हरियाली से सबसे ज्यादा आच्छादित है और बाकी जगहों पर केवल घास के लॉन हैं। यहां सैकड़ों वृक्ष हैं जो अब बड़े हो चुके हैं। ये सभी काट दिए जाएंगे। साथ ही पार्क का यह हिस्सा खोद कर नदी में मिला दिया जाएगा।