यूपीए सरकार में गोमतीनगर टर्मिनल बनाने के अटल बिहारी बाजपेयी के जिस सपने को पूरा करने के लिए इस बार बजट नहीं मिला, उसे चुनाव परिणाम आते ही पूरा करने के लिए रेलवे बोर्ड ने गति प्रदान कर दी है।
टर्मिनल के दूसरे चरण के काम के लिए रेलवे बोर्ड ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को रेलवे बोर्ड ने टर्मिनल से जुड़ी फाइलों पर दोबारा बजट आवंटित करने के लिए गहन मंथन किया।
गोमतीनगर हॉल्ट स्टेशन को टर्मिनल बनाने को अटल बिहारी बाजपेयी ने 10 सितंबर 1998 को शिलान्यास किया था। उस समय 72 करोड़ रुपये की कुल योजना पर 40 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद रेलवे ने इसे सीज कर दिया था।
योजना थी कि चारबाग स्टेशन और लखनऊ जंक्शन की जगह गोमतीनगर पर पांच प्लेटफार्मों वाला नया टर्मिनल बनाकर यहां से ट्रेनें रवाना की जाएं।
दो साल पहले रेलवे ने एक बार फिर इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर काम शुरू करने के लिए पहले चरण में करीब 22 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए।
इस पहले चरण में हॉल्ट पर दो नए प्लेटफार्म, पैदल पुल का निर्माण कर इसे क्रॉसिंग स्टेशन बनाया गया। दूसरे चरण में करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से दो नए प्लेटफार्म, नया स्टेशन भवन और वॉशिंग पिट का काम शुरू किया जाना था।
पहले चरण का काम दिसंबर 2013 में पूरा हो गया लेकिन दूसरे चरण के काम के लिए अंतरिम रेल बजट में धन की व्यवस्था ही नहीं की गई। इस कारण रेलवे को अपने पहले चरण के काम के बाद यहां निर्माण बंद करना पड़ा।
शुक्रवार को भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलते ही रेलवे बोर्ड को गोमतीनगर टर्मिनल की याद आ गई। बोर्ड में आपात बैठक आयोजित कर गोमतीनगर टर्मिनल के निर्माण के लिए बजट जारी करने के लिए मंथन किया गया।