राजधानी में महिलाकर्मियों के रुचि न लेने के चलते टीकाकरण का ग्राफ गिर रहा है। दूसरे अभियान के दौरान निजी अस्पतालों में एरा मेडिकल कॉलेज में सिर्फ एक महिला ने टीकाकरण कराया।
जबकि टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज में 233 में 119 ने, सिविल अस्पताल में 74 में 18 महिलाओं ने तो केजीएमयू में 498 में सिर्फ 66, झलकारीबाई में 100 में 30 ने टीकाकरण कराया।
यही स्थिति तीसरे और चौथे अभियान के दौरान भी रही। इसके अलावा तकनीकी खामियां, व्यापक प्रचार-प्रसार की कमी आदि की वजह से आंकड़े संतोषजनक नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभी दो अभियान बाकी हैं। ऐसे में शत प्रतिशत का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
टीकाकरण का पहला अभियान 16 जनवरी को चला था। इस दौरान राजधानी का ग्राफ करीब 70 फीसदी रहा। दूसरे चरण में 22 जनवरी को 57.85 फीसदी एवं 28 जनवरी को 48.70 फीसदी रहा।
पहले चरण में विभिन्न संस्थानों के प्रमुख लोगों के साथ ही चिकित्सकों की संख्या काफी रही। दूसरे और तीसरे अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, एएनएम आदि की संख्या 50 फीसदी से ज्यादा रही।
ऐसे में इनमें कई ऐसी कार्यकत्रियां थीं, जो गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली थीं। इससे ग्राफ में गिरावट हुई। चौथे अभियान में इन महिलाओं का नाम सूची से हटा दिया गया था।
इसके बाद भी कोई खास करिश्मा नहीं हो सका। टीकाकरण का ग्राफ देखें तो दूसरे, तीसरे और चौथे अभियान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का ग्राफ करीब 42.60 फीसदी तक ही पहुंच सका।
निजी अस्पतालों में 70 फीसदी तक वैक्सीनेशन
कोरोना टीकाकरण के चार अभियान के दौरान निजी अस्पतालों में हर बार का आंकड़ा करीब 70 फीसदी के करीब रहा। यह इस बात का सबूत है कि निजी अस्पतालों में चला जागरूकता अभियान काफी हद तक कारगर रहा, लेकिन सरकारी अस्पतालों के मुखिया अपनी टीम को टीके के प्रति प्रोत्साहित नहीं कर पाए। एसजीपीजीआई का ग्राफ सभी अभियान को मिलाकर 50 फीसदी तक ही पहुंच पाया। जबकि केजीएमयू में 70 और लोहिया संस्थान 65 तक रहा।
ग्राफ नहीं बढ़ने की कई वजहें
टीकाकरण प्रभारी डॉ. एमके सिंह ने बताया कि टीकाकरण का ग्राफ नहीं बढ़ने की कई वजहें हैं। सूची चार माह पहले तैयार की गई थी। इससे कुछ खामियां रह गई थीं। महिला कार्यकर्ताओं की अधिकता, कुछ लोगों के जरूरी काम से बाहर चले जाने सहित सभी कारणों को दूर करके छूटे लोगों को अगले चरण में शामिल किया जाएगा। अभी दो चरण में टीकाकरण होना है। इसमें शत प्रतिशत टीकाकरण हो जाएगा।