पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की बहू सारा सिंह की मौत के मामले में फीरोजाबाद पुलिस की लापरवाहियों ने हदें पार कर दी हैं। सारा की मौत के 110 दिन बाद भी पुलिस उसके दोनों मोबाइल फोन बरामद नहीं कर सकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि सारा का एक मोबाइल फोन 9918206622 उसके पति अमनमणि त्रिपाठी के बाबा श्याम नारायण त्रिपाठी इस्तेमाल कर रहे हैं।
यह खुलासा सोमवार को सारा की मां सीमा सिंह ने किया।
सीमा सिंह ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह अपने मोबाइल फोन पर किसी का नंबर ढूंढ रही थीं तभी सारा का नंबर सामने आ गया। मोबाइल फोन की स्क्रीन पर बेटी की फोटो देखकर उन्होंने नंबर डायल कर दिया तो घंटी बजने लगी। सीमा चौंक पड़ीं।
उन्होंने तीन बार लगातार नंबर मिलाया। पूरी घंटी बजी, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया। बकौल सीमा सिंह, इससे पहले उन्होंने कई बार सारा का नंबर मिलाया, लेकिन वह स्विच ऑफ बताता था।
सोमवार को अचानक नंबर डायल करने पर वह चालू मिला। बेटी का मोबाइल फोन बंद होते ही उन्होंने फीरोजाबाद में विवेचक अतर सिंह से संपर्क कर मोबाइल फोन के बारे में पूछताछ की। विवेचक ने कहा कि सारा के जिस नंबर पर घंटी बज रही थी, वह अमनमणि त्रिपाठी के बाबा श्याम नारायण त्रिपाठी के पास है।
क्या दवाब में है पुलिस?
श्याम नारायण से मोबाइल फोन मांगा गया था, लेकिन उन्होंने बाद में देने की बात कहकर विवेचक को टरका दिया।
सीमा सिंह ने कहा कि सारा की मौत एक रहस्य बन गई है, ऐसे में फीरोजाबाद पुलिस को उसके मोबाइल फोन तत्काल अपने कब्जे में ले लेने चाहिए थे। ऐसा न करके पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस पूर्व मंत्री अमरमणि के दबाव में काम कर रही है।
विवेचक ने अमनमणि के बाबा श्याम नारायण त्रिपाठी से मोबाइल फोन मांगा और उन्होंने बाद में देने की बात कहकर टरका दिया। इससे विवेचक की बेचारगी झलक रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस अगर इसी तरह विवेचना करेगी तो इंसाफ सोचना भी बेमानी है।
अमनमणि के बाबा को सुनाई गई थी फांसी सजा
सीमा सिंह ने कहा कि सारा के मोबाइल फोन में कई राज छिपे हैं। सारा का ससुर अमरमणि त्रिपाठी उससे चिढ़ता था, लेकिन अपने बेटे अमनमणि की वजह से वह उसे रास्ते से नहीं हटा पा रहा था।
उसने अमनमणि को समझाकर पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत सारा की हत्या कराई। अमनमणि ने सारा की मौत का तमाशा पिता को दिखाने के लिए उसके ही मोबाइल फोन से ही वीडियो फिल्म बनाई होगी। शायद इसीलिए उसने सारा के दोनों मोबाइल गायब कर दिए हों।
उन्होंने कहा कि सीबीआई को जल्द सारा के दोनों मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर उनकी गंभीरता से जांच करानी चाहिए।
सीमा सिंह का कहना है कि अमनमणि के बाबा श्याम नारायण त्रिपाठी को कई साल पहले हत्या के एक मामले में फांसी की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, तत्कालीन राष्ट्रपति ने उन्हें माफी दे दी थी।
इसके बाद श्याम नारायण को बसपा सरकार ने मंत्री पद दे दिया था। उन्होंने कहा कि इतने प्रभावशाली लोगों की वजह से ही पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।