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यूपी में महागठबंधन: सीटों पर फंसा पेंच, कांग्रेस की नजर डिप्टी सीएम पद पर

Thu, 19 Jan 2017 06:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव व राहुल गांधी - फोटो : amar ujala
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सपा की कांग्रेस और रालोद के बीच गठबंधन की गुत्थी बुधवार को भी नहीं सुलझ पाई। सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंस जाने के कारण गठबंधन की घोषणा बृहस्पतिवार के लिए टाल दी गई। इसी के चलते सपा ने अपने प्रत्याशियों की नई सूची भी जारी नहीं की।
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सपा महासचिव रामगोपाल ने कांग्रेस नेताओं से कहा है कि वे अपने खाते से ही रालोद को सीटें दें। सपा का कहना है कि हमारा रालोद से सीधा गठबंधन नहीं है।

सपा ने कांग्रेस को 100 सीटें देने की पेशकश की है। सपा के रुख को देखते हुए अभी तक ज्यादा सीट मांगने वाली रालोद के रुख में भी नरमी आई है। वहीं, नीतीश कुमार के जनता दल (यू) के महागठबंधन में शामिल होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

सपा की शर्त : कांग्रेस को 100 सीटें, उसी में रालोद का भी हिस्सा

- फोटो : amar ujala
सपा कांग्रेस को 100 सीटें देने को कहा है। कांग्रेस को इसी में से रालोद को भी सीटें देनी होगी। रालोद 30 सीटें मांग रहा है। हालांकि संभावना है कि वह 25-26 सीटों पर तैयार हो सकता है।

3 सिटिंग सीट चाहता है रालोद
रालोद सपा की तीन सिंटिंग सीट सिवाल खास (मेरठ), सादाबाद (हाथरस) और बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) पर अपने प्रत्याशी उतारना चाहता है। सपा तैयार नही है।

एक सिटिंग विधायक की सीट बदलने और शेष दोनों सीटों में एक छोड़ने का फॉर्मूला पेश किया गया है। अभी इस पर अखिलेश की मुहर नहीं लगी है।

कांग्रेस मांग सकती है डिप्टी सीएम का पद

राहुल गांधी - फोटो : AmarUjala
सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसने के चलते सपा-कांग्रेस-रालोद में गठबंधन के एलान को लेकर देरी हो रही है। सपा कांग्रेस व रालोद के लिए ज्यादा मुट्ठी खोलने को तैयार नहीं है। सपा के कड़े रुख से कांग्रेस भी दबाव में आई है।

मगर, पार्टी के शीर्ष स्तर पर सपा से उप मुख्यमंत्री पद की मांग की भी चर्चा है। पार्टी को अगर इस पद का भरोसा दिया जाता है तो वे अपनी मांग को हल्की कर सकती है।

दरअसल चुनाव आयोग में साइकिल की जंग जीतने के बाद समाजवादी पार्टी के हौंसले बुलंद है। वे कांग्रेस के साथ अपनी शर्तों पर गठबंधन करना चाहते हैं।

सपा ने पहले 100 से 125 सीट देने के संकेत दिए थे, लेकिन बुधवार को उसने थोड़ी सख्ती दिखाई। सीटों के तालमेल को लेकर रामगोपाल का रुख काफी सख्त हो गया है। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 28 सीटें मिली थी। उसके उम्मीदवार 31 सीटों पर दूसरे नंबर रहे थे। सपा का कहना है कि अगर इस फॉर्मूले को माना जाए तो कांग्रेस सिर्फ  60 सीटों की हकदार बनती है। फिर भी हम ज्यादा सीट दे रहे हैं।
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कांग्रेस ‌किस आधार पर दें 100 सीटें

सपा नेताओं का कहना है कि उसके पास 228 विधायक हैं। 12 निर्दलीय विधायक भी साथ हैं। ऐसे में उनकी अकेले 240 सिटिंग सीटों पर दावेदारी बनती है। ऐसे में वे कैसे कांग्रेस को 100 से ज्यादा सीटें दे सकते हैं।

अखिलेश से मिले रामगोपाल
सीटों के बंटवारे पर चल रही बातचीत के बीच सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने अखिलेश यादव के आवास पर जाकर उनसे लंबी बातचीत की। उनसे सीट-टू-सीट चर्चा की।

कांग्रेस व रालोद को दी जाने वाली सीटों को चिह्नित किया। अपने प्रत्याशियों की सूची को भी अंतिम रूप दिया। माना जा रहा है कि गठबंधन व सपा प्रत्याशियों का एलान बृहस्पतिवार को किया जा सकता है।
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