कुड़ियाघाट पर कार्यक्रम में गंगा भूषण सम्मान से सम्मानित लोग
लखनऊ। विश्व नदी दिवस पर कुडि़याघाट में बुधवार को गोमती दर्शन संस्था ने मां गोमती की महाआरती और सांस्कृतिक संध्या आयोजित की। इसमें सैकड़ों गोमती सेवकों, संतों और पर्यावरणविदों ने भाग लिया। सभी ने मां गोमती के संरक्षण, पुनर्जीवन और गौरव की पुनर्स्थापना का संकल्प लिया। लोकभारती के पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ खेमका ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
मुख्य अतिथि रहे मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी को औचक कार्यक्रम के चलते वाराणसी जाना पड़ा। इस पर उन्होंने वहां से फोन के जरिए लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मां गोमती उत्तर प्रदेश की सभ्यता और जनजीवन की जीवनरेखा हैं। उन्होंने गोमती संरक्षण प्रयासों की सराहना की। कहा कि नदी संरक्षण सरकार की नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नदियों को बचाना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना है।
समारोह में नदी, जल और पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. ध्रुवसेन सिंह, वैज्ञानिक सुधाकर शुक्ला और सिंचाई विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता पी. राम और अधिवक्ता अनुराग तिवारी को गंगा भूषण सम्मान दिया गया। मां गोमती की सेवा, स्वच्छता और पौधरोपण के लिए गोमती सेवकों को गोमती रत्न सम्मान दिया गया। टेढ़ेनाथ मंदिर के महंत प्रेमचंद्र गिरी गोस्वामी, कवयित्री नीरजा शुक्ला, डॉ. संजय अवस्थी सहित अनेक गोमती सेवक सम्मानित हुए। गोमती संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के लिए पौधरोपण करने वाले स्कूलों के प्रबंधकों को भी सम्मानित किया गया। गोमती दर्शन के संयोजक अधिवक्ता अनुराग पांडे ने गोमती संरक्षण अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की बात कही। उन्होंने सहायक नदियों, तालाबों और वेटलैंड्स के संरक्षण को भी जरूरी बताया। अध्यक्ष श्वेता सिंह ने प्रदेशवासियों से गोमती संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। सांस्कृतिक संध्या में प्रख्यात नृत्यांगना आरती शुक्ला एवं अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। महामंडलेश्वर उदासीन अखाड़ा हरिप्रकाश महाराज, कल्याण गिरी मंदिर के महंत महावीर गिरी महाराज सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।