ग्राम रोजगार सेवकों को प्रतिमाह 3630 रुपये मानदेय मिलेगा।
ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरविंद सिंह गोप के इस आश्वासन पर ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति ने शुक्रवार को आंदोलन खत्म कर दिया।
पिछले 12 दिनों से ग्राम रोजगार सेवक धरना दे रहे थे। मानदेय के आदेश भी शाम को जिलाधिकारियों को जारी कर दिए गए।
ग्राम्य विकास मंत्री के आश्वासन के बाद ग्राम्य विकास आयुक्त के. रवीन्द्र नायक ने शुक्रवार शाम आदेश जारी कर सभी जिलाधिकारियों को रोजगार सेवकों को प्रतिमाह 3630 रुपये मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराने को कहा है।
यह भी साफ कर दिया है कि किन्हीं कारणों से अगर उस महीने मानदेय नहीं मिल पाता है तो अगले महीने हर हालत में इसका भुगतान कर दिया जाए।
इसके लिए रोजगार सेवकों की उपस्थिति मात्र पर्याप्त मानी जाएगी। भले ही संबंधित ग्राम्य पंचायत में काम हो पाया हो या न हुआ हो।
इससे पहले दोपहर में ग्राम रोजगार सेवकों ने दारुलशफा से लेकर विधानभवन के सामने बूट पॉलिश करके अपना रोष जताया था।
दोपहर दो बजे छह सदस्यीय दल को शासन में वार्ता के लिए बुलाया गया। जहां पर मंत्री ने मानदेय सहित कई मांगों पर मान ली गई।
सीधी भर्ती में साक्षात्कार में मिलेंगे पांच अंक
ग्राम्य रोजगार सेवक संघ के प्रभारी कमलेश गुप्ता ने बताया कि ग्राम्य विकास राज्य मंत्री ने ग्राम विकास अधिकारी की सीधी भर्ती में साक्षात्कार में ग्राम रोजगार सेवकों को पांच अंक अतिरिक्त देने का निर्णय भी मान लिया है।
अगर कहीं ग्राम प्रधान की लापरवाही से काम नहीं हो रहा है तो संबंधित प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई का आश्वासन मंत्री ने दिया है।