पदोन्नति से वंचित वन विभाग में कार्यरत आशुलिपिक चाहते हैं कि इन पदों पर
नियुक्त होने वाले नए कर्मचारियों के लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक की जाए।
उत्तर प्रदेश वन आशुलिपिक सेवा संघ का कहना है कि स्नातक न होने के कारण
उनकी पदोन्नति नहीं हो पा रही है। कई साल काम करने के बाद आशुलिपिक उसी पद
से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
इसके लिए संघ की प्रमुख सचिव वन से वार्ता हो
चुकी है और उन्होंने उनका प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेज दिया है। असल
में वन विभाग में आशुलिपिकों की पदोन्नति नहीं हो पा रही है।
इसके पीछे इन
पदों पर नियुक्त हुए कर्मचारियों की शैक्षिक अर्हता का इंटरमीडिएट होना
है। जबकि निजी सचिव केलिए शैक्षिक अर्हता स्नातक है और वह राजपत्रित
अधिकारी होता है।
हालांकि ,इन पदों पर आशुलिपिक कई साल पहले विभाग में
नियुक्त किए गए थे। लेकिन पदोन्नति न मिलने से नाराज ये कर्मचारी शैक्षिक
अर्हता को इंटर से बढ़ाकर ग्रेजुएट करने की मांग कर रहे हैं।