एलडीए की भविष्य की योजनाओं में भूखंड की बाउंड्री अब सटे हुए दूसरे भूखंडों से नहीं होगी। एलडीए अब यह काम जीपीएस कॉर्डिनेट्स तकनीक की मदद से करेगा। ऐसा जमीन कम होने या भूखंड के ही गायब हो जाने की शिकायतों को दूर करने के लिए किया जाएगा। एलडीए एक एसओपी भी बना रहा है। वीसी अभिषेक प्रकाश की बनाई समिति इसके लिए 15 दिन के अंदर ड्राफ्ट बनाकर देगी।
वीसी का कहना है कि पूर्व की योजनाओं में बड़ी संख्या में शिकायतें ऐसी हैं, जिनमें लोगों के भूखंड का साइज कम हो गया। कई भूखंड मौके पर मिले ही नहीं। सटे हुए भूखंड की जमीन पर भी आंशिक कब्जा कर निर्माण कर लिया। ऐसी शिकायतों को दूर करने के लिए जीपीएस कॉर्डिनेट्स जैसी तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। इसे कैसे व्यावहारिक बनाया जाए? इसके लिए सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। यह समिति आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की संपत्तियों के आवंटन और कब्जा दिए जाने के लिए एसओपी तैयार करेगी। इस एसओपी के परीक्षण के बाद बोर्ड से अनुमति लेकर लागू करा दिया जाएगा।
इनको समिति में मिली जगह :
- पवन गंगवार, सचिव
- नितिन मित्तल, मुख्य नगर नियोजक
- इंदुशेखर सिंह, मुख्य अभियंता
- आनंद कुमार सिंह, प्रभारी अर्जन
- डीएम कटियार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
- डीके सिंह, ओएसडी
- एसके श्रीवास्तव, एक्सईएन विद्युत व यांत्रिक
- कमलजीत सिंह, एक्सईएन
- भूपेंद्र वीर सिंह, प्रभारी मानचित्र सेल
- अतुल शर्मा, अवर अभियंता, मानचित्र सेल