सरकार खनिज भंडारों से उत्पादन शुरू करने के लिए निजी क्षेत्र को लुभाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए उन्हें विशेषज्ञ सलाह समेत कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। इसके बदले सरकार एक निश्चित रकम वसूलेगी।
भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में सोना, आयरन, पोटाश, चूना पत्थर व प्लेटिनम के भंडार खोजे जा चुके हैं। इनसे खनिजों का उत्पादन व इससे जुड़े नए उद्योग स्थापित होने से ही इसका सही लाभ प्रदेश को मिल सकता है। इससे न सिर्फ खनिज भंडारों से जुड़े पिछड़े क्षेत्रों का विकास होगा, बल्कि बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
अधिकारी के अनुसार, खनिज उद्योगों व प्रक्रियाओं की ठीक से जानकारी न होने की वजह से नए उद्यमी इन खनिज भंडारों के विकास के काम में आगे नहीं आते। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने उद्यमियों को कई तरह की सूचनाएं, गाइडेंस व सहयोग देने का फैसला किया है।
प्रमुख सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म डॉ. गुरदीप सिंह ने खनिज क्षेत्रों के विकास के इच्छुक उद्यमियों को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। मदवार शुल्क भी तय कर दिए गए हैं। जब तक ये शुल्क संशोधित नहीं होंगे, हर वर्ष अप्रैल में 10 प्रतिशत बढ़ते जाएंगे।