सूबे में उद्योग लगाने के लिए सरकार उद्यमियों को सर्वोत्तम माहौल देगी। प्रदेश सरकार ने कारोबार व उद्योगों की स्थापना से जुड़ी एनओसी व स्वीकृति जारी करने की सर्वोत्तम प्रणाली लागू करने का फैसला किया है।
इसके लिए इस क्षेत्र में मॉडल की तरह उभरे प्रगतिशील राज्यों में लागू प्रणाली (बेस्ट प्रैक्टिस) का अध्ययन कर अपनाया जाएगा।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजीव सरन की अध्यक्षता में मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई।
निवेश करना होगा आसान
इसमें वाणिज्यिक कर, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम, प्रदूषण नियंत्रण, श्रम विभाग के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण व यूपीएसआईडीसी के अधिकारी शामिल हुए।
सरन ने बताया कि पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित निवेशक सम्मेलन में उद्योगपतियों की उत्साहवर्द्घक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
अब सरकार ने उद्योग स्थापना व निवेश को आसान बनाने के लिए प्रक्रियाओं को और सरल बनाने का फैसला किया है।
इसके लिए दूसरे राज्यों में उद्योग स्थापना से संबंधित अनापत्तियां व स्वीकृतियां जारी करने की सर्वोत्तम प्रणाली का अध्ययन कर प्रदेश में भी इसे लागू किया जाएगा।
अफसरों को दिया गया 15 दिन का समय
बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि वे 15 दिन में तुलनात्मक अध्ययन कर यह पता करें कि किस तरह के बदलाव की जरूरत है? इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक कर इसमें जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
प्रमुख सचिव ने बताया कि सरकार प्रदेश में ऐसी सर्वोत्तम कार्यप्रणाली लागू करेगी जो न केवल प्रदेश को इस क्षेत्र में सर्वोत्तम बनाएगी बल्कि इससे औद्योगिक विकास व निवेश को भी रफ्तार मिलेगी।
इस तरह होगी पहल
-जो विभाग अपनी सेवाएं वेबसाइट के जरिये दे रहे हैं, वे आवेदनों के निपटारे व प्रोसेसिंग को भी ऑनलाइन करेंगे। इससे स्वीकृतियां पारदर्शिता के साथ तेजी से जारी हो सकेंगी।
बैठक में आए सुझाव
-विशेष सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास कंचन वर्मा ने सुझाव दिया कि सभी विभाग सिंगल विंडो सिस्टम निवेश मित्र के जरिये ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करें।
-निवेशकों व उद्योगपतियों को उद्योग के लिए जमीन चयन की सुविधा देने व उपलब्धता पता करने के लिए औद्योगिक भूमि की भौगोलिक सूचना प्रणाली से मैपिंग कराई जाए।
-औद्योगिक संगठन कौशल के आधार पर श्रमिक समूह बनाएं ताकि जरूरत पर तैयार मानव संसाधन मिल सके।