उत्तर प्रदेश में शासन ने डिफेंस कॉरिडोर के लिए भटगांव में जमीन अधिग्रहण में घोटाले के मामले में जमीन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी न होने पर नाराजगी जताई है। लखनऊ के डीएम को एक बार फिर रिमाइंडर भेजकर कहा है कि मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अभी तक शासन को नहीं भेजी है। इस पत्र में उन बिंदुओं का भी जिक्र किया गया है, जिन पर कार्रवाई किया जाना अभी शेष है।
शासन ने निर्देश दिया है कि फर्जी पट्टा पत्रावली में दर्ज 90 व्यक्तियों में से 11 ऐसे व्यक्ति, जिनके नाम अभी तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, उनके नाम रिकॉर्ड में न चढ़ना सुनिश्चित किया जाए। 79 व्यक्तियों के नाम अवैध रूप से दर्ज किए गए हैं, उनका नाम रद्द करवाकर जमीन पुनः ग्राम समाज के खाते में दर्ज की जाए।
क्रेता-विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए
इसके अलावा ये भी निर्देश दिए हैं कि ऐसे व्यक्ति, जिन्होंने पहले यह भूमि खरीदी और फिर उसे यूपीडा को बेचा, इन क्रेता-विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही उनसे मुआवजे की राशि वसूलने के लिए भी कहा है। शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, इस काम के लिए दी गई निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी जिला प्रशासन ने इस संबंध में शासन को कोई रिपोर्ट नहीं भेजी है। इसके पीछे की वजहों पर भी शासन की नजर है। यहां बता दें कि मामले में तत्कालीन डीएम अभिषेक प्रकाश समेत कई अफसर दोषी ठहराए गए हैं।