शास्त्रीय पद्धति से योग करना बीमारियों को रोकने का राम बाण उपाय है। स्वस्थ मन के लिए योग बहुत महत्वपूर्ण है। भारत में योग की हजारों वर्षों की परंपरा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूचे विश्व को बता दिया कि योग का महत्व क्या है। यह बातें राज्यपाल राम नाईक ने रविवार को कही। वे लखनऊ वीआईपी रोड स्थित संत आसूदाराम आश्रम में योग पर आधारित ‘सामूहिक योग प्राणायाम एवं सांस्कृतिक अध्यात्म प्रभात समारोह’ में बोल रहे थे।
राज्यपाल ने बताया कि वे बचपन से ही सूर्य नमस्कार करते रहे हैं। 22 वर्ष पहले जब मुझे कैंसर हुआ तो सूर्य नमस्कार और योग से ही उसे हराया। योग ही स्वास्थ्य की ‘मास्टर की’ है।
आज विश्व के 170 देश योग को एक पद्धति के रूप में आत्मसात कर चुके हैं। भारत की देन योग को समझने में हमारी इस दुनिया को 5 हजार साल लगे। स्वस्थ रहने में योग और सूर्य नमस्कार का महत्वपूर्ण योगदान है।
योग से रहता है व्यक्ति रोग मुक्त
योग करते लोग
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योग से स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ नया उत्साह और प्रेरणा मिलती है। स्वयं स्वस्थ रहने वाला व्यक्ति ही दूसरे के लिए कुछ कर सकता है। योग क्रिया से मनुष्य न केवल रोग से मुक्ति पाता है बल्कि रोग मुक्त भी रहता है।
सिंधी समाज की तारीफ करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इनका विकास में सराहनीय योगदान है। हमारे सिंधी भाइयों की विशेषता है कि वे जहां जाते हैं वही के हो जाते हैं।
समारोह में कर्नल एसवी सिंह की देखरेख में एक सूक्ष्म योग प्रशिक्षण सत्र भी हुआ, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों ने योग प्रदर्शन भी किए। स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी।
इस मौके पर संत बाबा साईं, मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्यागिरी, विधायक रीता बहुगुणा जोशी, सीएमएस संस्थापक जगदीश गांधी, नवाब मीर जाफर अब्दुल्ला समेत तमाम सिंधी समाज के लोग और पदाधिकारियों ने शिरकत की।