जेएनयू प्रकरण के बाद देश भर में अभिव्यक्ति की आजादी पर छिड़ी बहस के बीच राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि मर्यादा के दायरे में सभी को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जेएनयू में देशद्रोही नारेबाजी के मामले पर गुण-दोष का फैसला न्यायालय व संसद करेगी। राज्यपाल मंगलवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
राज्यपाल ने इसके पहले समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि सूबे के सभी 25 विश्वविद्यालयों की ग्रेडिंग तय करने के लिए सर्वे करा रहे हैं।