राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति केंद्र सरकार की सराहनीय पहल है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक अनिवार्य रूप से मातृभाषा व स्थानीय भाषा में पढ़ाई से बच्चों का तेजी से बौद्धिक विकास होगा।
छात्रों को पहले से तय विषय चुनने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। अब भौतिकी विज्ञान का छात्र चाहे तो संगीत या इतिहास को दूसरे विषय के रूप में चुन सकता है। बोर्ड परीक्षाओं का तनाव भी खत्म कर दिया है। राज्यपाल ने कहा कि बदलती जरूरतों के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बदलाव की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
नई शिक्षा नीति का उद्देश्य प्राथमिक स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक पाठ्यक्रमों में बदलाव करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के लिए प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार करना है। आनंदीबेन पटेल ने कहा कि नई शिक्षा नीति की सबसे बड़ी विशेषता वर्ष 2030 तक सौ प्रतिशत युवा और प्रौढ़ साक्षरता दर हासिल करना है।