जर्जर आवासीय कमरों में कर्मचारी बैठ कर रहे हैं काम।
माल। कई साल पहले निष्प्रयोज्य घोषित किए जा चुके माल विकास खंड कार्यालय परिसर के करीब 18 आवासीय कमरों में से कुछ में कर्मचारी बैठ कर जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। फरियादी भी वहां अपनी समस्या लेकर पहुंच जाते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है।
वहां रहने वाले लोगों ने बताया कि वर्ष 2006 में मुख्यालय पर जर्जर कमरों में कर्मचारियों के न रुकने से नाराज हुए तत्कालीन ग्राम्य विकास आयुक्त सीताराम मीणा ने जर्जर आवासों को निष्प्रयोज्य घोषित कर दोबारा निर्माण कराने के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को पत्र लिखा था। निर्देश के अमल में सिर्फ दीवारों पर निष्प्रयोज्य लिख दिया गया था, लेकिन जर्जर भवन को ध्वस्त कर नए सिरे से उसका निर्माण नहीं कराया गया। जर्जर कमरों में बैठकर काम करने वाले कर्मचारियों को कोई रोक भी नहीं रहा है। इससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। डीपीआरओ जितेंद्र सिंह गोड़ ने बताया संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर कार्रवाई की जाएगी। जिससे कोई जनहानि न हो सके।
जर्जर आवासीय कमरों में कर्मचारी बैठ कर रहे हैं काम।