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शौचालय बनाने का लक्ष्य पूरा फिर भी खुले में शौच से मुक्त घोषित नहीं होगा प्रदेश

Sun, 30 Sep 2018 01:15 AM IST
राजेंद्र सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
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शौचालय - फोटो : SELF
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दो अक्तूबर को गांधी जयंती पर प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त घोषित नहीं किया जाएगा। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों में शौचालय बनाने का लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया गया है, लेकिन अगले तीन महीने तक उनके सत्यापन का अभियान चलेगा। अभी तक प्रदेश में 71 हजार गांव, 149 ब्लॉक व 16 जिले खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुके हैं।

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स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्तूबर 2014 को की थी। उन्होंने 2 अक्तूबर 2019 तक देश को खुले में शौच से मुक्त करने का आह्वान किया था। इसके बाद स्वच्छता अभियान में तेजी आई है। गांवों में गरीबों परिवारों में शौचालय बनाने का अभियान प्रारंभ हुआ।

मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ने रफ्तार पकड़नी शुरू की। सीएम योगी ने प्रदेश को 2 अक्तूबर 2018 तक खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने का लक्ष्य दिया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को युद्ध स्तर पर संचालित करने, व्यक्तिगत शौचालय बनाने में तेजी लाने और जागरूकता व प्रचार अभियान चलाने के निर्देश दिए।
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प्रदेश में 2012 के बेसलाइन सर्वे के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 99 फीसदी कवरेज कर लिया गया है लेकिन 2 अक्तूबर को प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त घोषित नहीं किया जाएगा। दरअसल, प्रदेश सरकार ओडीएफ की घोषणा जल्दबाजी में नहीं करना चाहती है। शौचालयों के निर्माण का सत्यापन होने के बाद ही प्रदेश को ओडीएफ घोषित किया जाएगा। सत्यपान का कार्य लगभग तीन महीने तक चलेगा।

इस साल बने 96.50 लाख शौचालय

प्रदेश में वर्ष 2012 में हुए बेसलाइन सर्वे में ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 2 करोड़ 51 लाख 23 हजार परिवार चिह्नित किए गए थे। इनमें से 2.49 करोड़ परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध हो गई है। इनमें ऐसे परिवार भी शामिल हैं जिनके पास पहले से शौचालय थे या जिन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जागरूकता अभियान के बाद शौचालय बनाए हैं। निदेशक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) आकाशदीप ने बताया कि प्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में अभी तक 96 लाख 45 हजार शौचालयों का निर्माण हुआ है। वर्ष 2017-18 में कुल 44 लाख और वर्ष 2016-17 में 17 लाख शौचालय बने थे। दो अक्तूबर 2014 से पहले निर्मल भारत अभियान के तहत भी शौचालय बनाए जा रहे थे। इस तरह कुल मिलाकर 1.55 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया गया है। बाकी शौचालय उन लोगों ने खुद बनाए हैं जिनके पास ट्रैक्टर है, जिनके पक्के घर हैं और जो एपीएल श्रेणी में आते हैं।

ओडीएफ गांवों के 72 फीसदी फोटो अपलोड

निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) आकाशदीप ने बताया कि प्रदेश में कुल 98807 गांव है। इनमें से 71384 को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। ओडीएफ गांवों में शौचालयों के 72 फीसदी फोटो अपलोड कर दिए गए हैं। 27 सितंबर तक की सूचना के मुताबिक 149 ब्लॉक व 16 जिले ओडीएफ घोषित कर दिए हैं। जो गांव ओडीएफ घोषित नहीं हुए हैं, उन्हें खुल में शौच से मुक्त करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। यही स्थिति जिलों के साथ हैं। अधिकतर जिले बहुत जल्द खुले में शौच से मुक्त हो जाएंगे। 2012 के बेसलाइन सर्वे से छूटे हुए परिवारों में शौचालय बनाने का काम भी अगले एक-दो माह में पूरा कर लिया जाएगा।
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ये जिले घोषित हुए हैं ओडीएफ

शामली, बिजनौर, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, इटावा, कासगंज, सहारनपुर, कौशांबी, अमरोहा, हाथरस, मुरादाबाद व कन्नौज।
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