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पहले से ही कसी कमर : इस बार बाढ़ प्रभावितों तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाएगी सरकार

Sun, 09 Jun 2019 12:17 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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राज्य सरकार इस बार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत सामग्री बांटेगी। पिछले साल कुछ स्थानों पर राहत सामग्री की व्यवस्था सही समय पर नहीं होने से इसे बांटने में कई दिन लग गए थे। इसलिए शासन ने इस बार जिलाधिकारियों को बाढ़ के आने से पहले ही राहत सामग्री की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।  
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प्रदेश में लगभग दो दर्जन ऐसे जिले हैं, जो हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। वहीं, हर बार यही देखा जाता रहा है कि जब बाढ़ आती है, तब जिलों के अफसर राहत सामग्री के लिए टेंडर करने व राहत सामग्री का पैकेट बनाने के काम में जुटते हैं। इससे बाढ़ के शुरुआती दिनों में प्रभावित परिवारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इससे स्थानीय प्रशासन के साथ सरकार की काफी किरकिरी होती है। 

पिछले साल कई जगह राहत वितरण व्यवस्था में कई दिन लग गए थे। इस बार राहत आयुक्त ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को बाढ़ से जुड़ी तैयारियां जल्द से जल्द करने के दिशानिर्देश दिए हैं। 
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राहत आयुक्त ने कहा है कि बाढ़ के मद्देनजर राहत पैकेट व पशुओं को चारा आदि उपलब्ध कराने के लिए जिन वस्तुओं के लिए टेंडर जरूरी हो, इसकी कार्यवाही तत्काल पूरी कर ली जाए। जिससे बाढ़ आते ही राहत सामग्री का वितरण किया जा सकेगा। 
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राहत पैकेट में मिलेगी ये सामग्री

10-10 किलो आटा, चावल व आलू। पांच किलो लाई, दो किलो भूना चना, दो किलो अरहर की दाल। 500 ग्राम नमक। 250-250 ग्राम हल्दी, मिर्च व धनिया। 5 लीटर केरोसिन, एक-एक पैकेट मोमबत्ती व माचिस। 10 पैकेट बिस्कुट। एक लीटर रिफाइंड तेल। 10 टेबलेट क्लोरीन। 

इस तरह 16 तरह की राहत सामग्री का एक पैकेट में दी जाएगी। यह सामग्री पांच व्यक्ति के परिवार के लिए एक सप्ताह के लिए होगी। वहीं पशु कैंप अथवा बाढ़ प्रभावित गांव में पशुओं के चारे के लिए पांच किलो भूसा प्रति दिन प्रति पशु की व्यवस्था अलग से की जाएगी।
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