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जेवर एयरपोर्ट को मुफ्त जमीन देगी सरकार, कैबिनेट का फैसला

Wed, 11 Sep 2019 02:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 81.15 हेक्टेयर जमीन निशुल्क दी जाएगी। मंगलवार को प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। 

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सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में 59.79 हेक्टेयर ग्राम सभा की और 21.36 हेक्टेयर सरकारी भूमि पड़ रही है। कैबिनेट ने यह पूरी भूमि नागरिक उड्डयन विभाग को नि:शुल्क देने का फैसला किया है। इससे एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

एयरपोर्ट के नाम पर रख रहे अवैध इमारतों की नींव
यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में नोएडा एयरपोर्ट की निर्माण प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसके साथ ही भूमाफिया और कालोनाइजर भी सक्रिय हो गए हैं। प्राधिकरण की अनदेखी के चलते भूमाफिया और कालोनाइजर क्षेत्र में कई स्थानों पर अवैध प्लाटिंग कर बिक्री करने में जुटे हैं। 
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इतना ही नहीं लोगों को फंसाने के लिए आरोपियों ने प्लॉटिंग क्षेत्र को एयरपोर्ट से सटा होना बताया है। इनके बहकावे में आकर कई लोग एयरपोर्ट के पास भूमि मिलने के लालच में अपनी गाढ़ी कमाई फंसा रहे हैं। ऐसे में जल्द ही अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो यहां भी बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हो सकती हैं।

शाहबेरी में प्राधिकरण की अनदेखी के चलते अवैध भवनों का निर्माण किया गया था। ये भवन बड़े हादसे का कारण बने और नौ लोगों की मौत भी हुई थी। हादसे के बाद शासन के निर्देश पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज कीं और आरोपी भी जेल गए। लेकिन, इसके बाद भी शहर में कई जगहों पर शाहबेरी जैसे हालात हैं, जो हादसे को न्योता दे रहे हैं। 

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भूमाफिया अवैध कालोनी काट कर लोगों को प्लॉट बेच रहे हैं

इन भवनों में कमाई फंसाने वाले लोग भी बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहते। दूसरी ओर अब यमुना प्राधिकरण की लापरवाही के चलते जेवर क्षेत्र में लगे चेतावनी बोर्ड में से ज्यादातर पर लिखी चेतावनी धुंधली हो चुकी है। लगभग दस साल में एक बार भी प्राधिकरण ने न तो यहां नए चेतावनी बोर्ड लगाए और न ही इन पर दोबारा से लिखाई कराना उचित समझा। 

यही वजह है कि आम लोगों को प्राधिकरण अधिसूचित क्षेत्र का पता नहीं चल पा रहा है। वहीं, इसका फायदा उठाकर भूमाफिया अवैध कालोनी काट कर लोगों को प्लॉट बेच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जेवर क्षेत्र में सैकड़ों आवासीय मकान अधिसूचित क्षेत्र में प्राधिकरण की बिना अनुमति के बनकर तैयार हो गए हैं। वहीं, जेवर एयरपोर्ट प्रभारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि जेवर में दूसरा शाहबेरी किसी कीमत पर नहीं बनने दिया जाएगा जांच चल रही है, जल्द ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी।

भूमाफिया में नहीं दिख रहा कार्रवाई का डर
जिलाधिकारी ने जेवर में सक्रिय भूमाफिया के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट व एनएसए तक की कार्रवाई की बात की थी। साथ ही विभिन्न माध्यमों से अवैध कालोनियों में प्लॉट नहीं खरीदने के लिए मुनादी भी कराई थी। वहीं, रजिस्ट्री कार्यालय से प्रशासन ने रिकार्ड लेकर 200 प्लॉटों की जांच की है। यीडा के ओएसडी नवनीत गोयल ने बताया कि कुछ लोगों पर एफआईआर कराने के लिए 14 अगस्त को एसएसपी के माध्यम से शासन के पास शिकायत भेजी गई है। इसके बाद भी आरोपियों में किसी प्रकार का भय नहीं है। यही कारण है कि क्षेत्र में आज भी अवैध निर्माण किया जा रहा है।

अधिग्रहण नहीं होने पर सफल हुए भूमाफिया
जेवर नगर पंचायत क्षेत्र के रकबे से सटे हुए जेवर बांगर के कुछ खसरा नंबरों में धारा-4 लागू की गई थी। लेकिन, कई साल बीत जाने के बाद भी उस जमीन के अधिग्रहण की बात आगे नहीं बढ़ी। वहीं, भूमाफिया आम लोगों में इस क्षेत्र से धारा-4 के स्वत: खत्म होने का हवाला देकर प्लॉटिंग करते रहे। प्लॉट खरीदकर मकान बनाने के बाद लोगों को अब अधिसूचित क्षेत्र होने की जानकारी मिल रही है। ऐसे में लोग भूमाफिया और प्राधिकरण पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहते हैं कि माफिया प्लॉट बेचकर गायब हो गए, अब प्राधिकरण उनकी मेहनत की कमाई से बने मकान को बर्बाद करने पर अमादा है।

यमुना प्राधिकरण के गांव पहले से अधिसूचित हैं। इस क्षेत्र में कालोनी काटने व निर्माण करने वालों के खिलाफ यीडा को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। आने वाले समय में भूमाफिया व कालोनाइजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई देखने को मिलेगी।
- बीएन सिंह, जिलाधिकारी 
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