समाज कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया कि देश-दुनिया के स्तर पर कार्य करने वाली कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं से शुरुआती दौर की वार्ता भी हो चुकी है, जिसमें उन्होंने स्कीम से सहमति जताई है। चालू वित्त वर्ष में ही योजना को अमली जामा पहनाए जाने की योजना है। कार्ययोजना तैयार होने के बाद उच्च स्तर पर फाइनल प्रस्तुतीकरण भी दिया जाएगा।
मध्यवर्गीय परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत
अभी प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित है। दो लाख रुपये तक आय सीमा वाले परिवार इस योजना के दायरे में लाए गए हैं। इसमें सामूहिक कार्यक्रम का आयोजन करके जोड़ों की शादी कराई जाती है। प्रत्येक जोड़े की शादी पर सरकार 51 हजार रुपये खर्च करती है। 35 हजार रुपये बैंक खाते में, 10 हजार रुपये का सामान और 6 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जाते हैं।
इस आयोजन की सफलता के बाद अब इसे मध्यवर्गीय परिवारों तक लाने की योजना बनाई गई है। अभी मध्यवर्गीय परिवारों के लिए शादी का आयोजन काफी महंगा साबित होता है। कई परिवारों का तो बजट बिगड़ जाता है और वे लंबे समय के लिए कर्ज के जाल में फंस जाते हैं।