सत्तापक्ष पर दलित एवं पिछड़ों के आरक्षण को खत्म करने का आरोप लगा रहे विपक्ष को नेता सदन एवं उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि योगी सरकार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी दलितों को आरक्षण देना चाहती है। विपक्ष को इसका समर्थन करते हुए विधान परिषद से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजना चाहिए।
विधान परिषद में बृहस्पतिवार को कार्य स्थगन प्रस्ताव के तहत सपा के डॉ. राजपाल कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद दलित और पिछड़ी जातियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। शिक्षण संस्थाओं में दलित छात्रों का प्रवेश कम करने के लिए आरक्षण को विषयवार कर दिया गया है।
सरकारी नौकरियों में भी आरक्षण कम किया है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में की गई भर्तियों में पिछड़ों व दलितों को नियमानुसार आरक्षण नहीं दिया गया। एक जाति विशेष के लोग भर्ती किए गए।
राजेश यादव ने कहा कि सिपाही भर्ती में पिछड़ी जाति के 1400 अभ्यर्थियों का परिणाम रोक दिया गया। परिवहन विभाग की भर्तियों में पिछड़े वर्ग के लिए एक भी पद आरक्षित नहीं है। नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि आरक्षण में दलित और पिछड़ों की भागीदारी कम की जा रही है।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में यूजीसी के आदेशानुसार विषयवार आरक्षण किया गया है। आज दलित आरक्षण की बात करने वाले विपक्ष का दलित-प्रेम तब कहां गया था जब गेस्ट हाउस में दलित महिला को गैस सिलेंडर से जलाने की कोशिश की गई थी।
डॉ. शर्मा ने कहा कि भाजपा ने मोहसिन रजा और बुक्कल नवाब को एमएलसी बनाया है, मोहसिन को मंत्री भी बनाया है। देश में एससी-एसटी व ओबीसी के सर्वाधिक विधायक, सांसद भाजपा से हैं। भाजपा ने ही अल्पसंख्यक वर्ग से एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाया था, अति दलित वर्ग के रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया है।
भाजपा दलित हितैषी है और चाहती है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी दलितों को आरक्षण मिले। इसलिए सपा, बसपा और कांग्रेस को एएमयू में दलित आरक्षण का प्रस्ताव उच्च सदन में पारित करना चाहिए। नेता सदन के इस प्रस्ताव के बाद सपा ने बहिर्गमन कर दिया।