रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ट्रिपल तलाक इबादत से जुड़ा विषय नहीं है। यह नारी गरिमा और सम्मान से जुड़ा हुआ है। 22 इस्लामिक मुल्कों में इसे नियंत्रित किया गया है। पाकिस्तान की लीगल बॉडी भी इसमें संशोधन का प्रस्ताव बना रही है। ट्रिपल तलाक पर संसद में 27 दिसंबर को बिल लाया जाएगा। इसमें कई संशोधन किए गए हैं। समझौते का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
रविशंकर प्रसाद ने हिंदुओं की भावनाओं और सम्मान के लिए सुप्रीम कोर्ट से रामजन्मभूमि पर फास्ट ट्रैक से सुनवाई करने की अपील की । कहा, सबरीमाला पर 6 माह में फैसला आ जाता है। आतंकियों की फांसी रोकने के लिए भोर में सुनवाई होती है, लेकिन राम जन्मभूमि का मामला 10 साल से विचाराधीन है।
केंद्रीय विधि एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद बोले प्रधानमंत्री सरकार का हेड होता है। वे न्यूक्लियर का बटन दबा सकते हैं, लेकिन ईमानदार जज नियुक्त नहीं कर सकते। हम महसूस करते हैं कि एनजेएसी पर फैसले में सुप्रीम कोर्ट की चिंता संविधान के अनुरूप नहीं थी।