प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर मध्यम वर्ग के लिए राहत की घोषणा करने के साथ ही बिजली दर कम करने, निजी अस्पतालों व स्कूलों में खर्च निर्धारण और उन्हें राहत पैकेज देने के अलावा व्यापारियों करो में छूट देने समेत कई सुझाव दिए हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कोरोना से प्रभावित लोंगो की मदद देने के संबंध में कई सुझाव दिया है। उन्होंने मध्यम वर्ग के लिए राहत की घोषणा करने के साथ ही बिजली दर कम करने, निजी अस्पतालों व स्कूलों में खर्च निर्धारण और उन्हें राहत पैकेज देने के अलावा व्यापारियों करो में छूट देने समेत कई सुझाव दिए हैं।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने पत्र में लिखा है कि कोरोना को नियंत्रित करने को लेकर सरकार ने कोई कार्ययोजना पहले से तैयार नहीं किया था। कई गैर जरूरी नियम और लालफीताशाही की वजह से जहां हजारों लोगों की जाने चली गईं,वहीं रोजी-रोजगार, व्यापार और काम-धंधे चौपट हो गए। सामने भारी मुश्किलें पैदा कर दी हैं। बहुत तेजी से महँगाई बढ़ी है। खास तौर से मध्यम वर्ग मुश्किलो में फंस गए है। इसलिए सरकार को कुछ जन कल्याणकारी कदम उठाने चाहिए।
प्रियंका गांधी ने कहा है कि महामारी में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा निजी क्षेत्र अस्पतालों ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। हालांकि तमाम निजी अस्पतालों द्वारा जनता से इलाज के लिए मोटी रकम वसूलने की शिकायतें भी सामने आईं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से निजी अस्पतालों में इलाज के लिए कीमतें निर्धारित करने के साथ ही जिन मरीजों से ज्यादा पैसा वसूला गया है उनको मुआवजा देने की व्यवस्था करने की भी मांग की है। प्रियंका के पत्र में कहा गया है कि खाद्य तेल, सब्जियां, फल, और घरेलू इस्तेमाल की वस्तुओं की महंगाई पर नियंत्रण के लिए वस्तुओं के दाम तय किये जाने चाहिए।
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उन्होंने पत्र में कहा है कि प्रदेश की जनता पहले से ही महंगी बिजली और स्मार्ट मीटरों से त्रस्त है। इसलिए संकट के इस दौर में जनता को बिजली के बिलों में राहत मिलनी चाहिए और बिजली दर न बधाई जाय। उन्होंने कहा है कि कोरोना के चलते स्कूल-कालेज बंद हैं, लेकिन अभिवावकों पर हर महीने फीस जमा करने और स्कूलों के पर शिक्षकों को वेतन देने का दबाव है।
इसलिए सरकार को स्कूलों के प्रतिनिधियों एवं अभिवावकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर एक खाका तैयार कर फीस में छूट देने एवं स्कूलों को आर्थिक मदद का पैकेज देने की एक व्यवस्था बनानी चाहिए। उन्होंने पत्र में लिखा है कि बंदी की मार झेल रहे प्रदेश के व्यापारी एवं दुकानदार साथियों को राहत देने के लिए एक खाका तैयार किया जाए। जिसके जरिये उन्हें करों एवं शुल्कों में थोड़ी राहत दी जाए।