लखनऊ। नगर निगम कार्यकारणी की बैठक में शुक्रवार को महापौर व नगर आयुक्त में अधिकारों को लेकर हुए टकराव को शासन ने गंभीरता से लिया है।
इसके बाद से दोनों पक्षों की ओर से सफाई भी पेश की जा रही है। हालांकि, मसले पर दोनों पक्ष खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय तक विवाद पहुंचने की भी चर्चा है।
बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम प्रशासन पर आरोप लगाया था कि पिछली कार्यकारणी में पास हुए प्रस्तावों पर अमल नहीं किया गया। इस पर उन्होंने नाराजगी भी जताई थी। महापौर इस बात पर ज्यादा खफा थीं कि उनके कहने के बावजूद अपर नगर आयुक्तों के काम में बदलाव नहीं किया गया। इसके अलावा कुछ जोनल अफसरों को हटाकर नए अफसर तैनात नहीं किए गए और हाईकोर्ट में पैनल अधिवक्ता नमित शर्मा को हटाकर शैलेंद्र सिंह चौहान को तैनात नहीं किया गया।
मामले पर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने भी अपनी बात रखी थी। उनका कहना था कि किस अपर नगर आयुक्त से क्या काम लिया जाए, किसे जोनल अफसर बनाया जाए और किसे हटाया जाए, यह नगर आयुक्त का अधिकार है। नगर निगम अधिनियम ने ये अधिकार दिए हैं। इसके बाद महापौर और नगर आयुक्त के बीच टकराव बढ़ गया था।
विवाद के कारण बैठक में कोई प्रस्ताव पास नहीं हो पाया था। महापौर ने बैठक को स्थगित कर 30 अक्तूबर को फिर से बैठक बुलाने का निर्देश दिया था। साथ ही कहा था कि अगली बैठक में अधिकारी पूर्व में पारित प्रस्ताव पर अमल होने की रिपोर्ट लेकर आएंगे। इसके बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।
महापौर के प्रमुख सचिव से मिलने की चर्चा
शनिवार को चर्चा रही कि महापौर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से मिलने गईं। उन्होंने अपनी बात रखी और कुछ अफसरों को बदलने के लिए कहा। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। महापौर का कहना है कि उन्होंने इस मसले पर शासन में कोई बात नहीं की है और न ही कोई रिपोर्ट भेजी है। महापौर ने 30 की बैठक के बाद ही अगला कदम उठाने की बात कही है।
बदले जा सकते हैं कुछ जोनल अफसर
कार्यकारिणी की बैठक में विवाद के बाद नगर निगम में चर्चा शुरू हो गई है कुछ जोनों के जोनल अफसर बदले जा सकते हैं। इनमें वे जोन सबसे ऊपर हैं, जहां कर अधीक्षक जोनल अधिकारी का काम संभाल रहे हैं। बैठक में इन अफसरों को न बदले जाने का मसला प्रमुख रहा। उधर, जानकारों का कहना है कि कुछ जोनों के अफसर इसी महीने बदले जाने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही शुक्रवार को बैठक में विवाद हो गया। ऐसे में बदलाव रुक भी सकता है।
शुक्रवार को हुई थी नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक।
शुक्रवार को हुई थी नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक।
शुक्रवार को हुई थी नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक।