जिन 44 चीनी मिलों को शुक्रवार दोपहर तक 2619 करोड़ का सॉफ्ट लोन दिया गया है उनमें द्वारिकेश समूह की मिलों को 134.48 करोड़, बलरामपुर समूह की मिलों को 365.08 करोड़, उत्तम समूह की मिलों को 101.31 करोड़, बिडला समूह की मिलों को 257.13 करोड़, त्रिवेणी समूह की मिलों को 364 करोड़, डालमिया समूह की मिलों को 50.07, धामपुर समूह की मिलों को 266.22 करोड़, डीएससीएल को 201.73 और दौराला को 54.24 करोड़ और टिकौला को 5.69 करोड़ रुपये ऋण दिया गया है। इसी तरह बिसवां को 31.52, मोतीनगर को 47.76 करोड़ तथा एचएल पीलीभीत को 67.86 करोड़, ऐरा को 118.94 करोड़, नवाबगंज को 53.49 करोड़, सेवरही को 365.08 करोड़, न्योली को 34.36 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
राज्य सरकार ने चीनी मिलों को खरीद गए गन्ने पर प्रति क्विंटल 4.50 रुपये की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की थी। इसमें शर्त थी कि शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान होने पर यह मदद दी जाएगी। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि पेराई सत्र 2017-18 में खरीदे गए गन्ने की मात्रा के सापेक्ष 4.50 प्रति क्विंटल की दर से चीनी मिलों को लगभग 430 करोड़ की धनराशि दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि संबंधित उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारी यह राशि एस्क्रो एकाउंट के माध्यम से किसानों के खाते में तत्काल हस्तांतरित कराएंगे। इसका उपयोग भी गन्ना मूल्य भुगतान के लिए होगा।