मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को फेज-1 के पांच जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में बदलने की योजना की समीक्षा की। उन्होंने राजकीय निर्माण निगम को फैजाबाद, बहराइच, बस्ती, फिरोजाबाद और शाहजहांपुर में स्थापित किए जा रहे इन पांचों मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा।
मुुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति, मेडिकल टूरिज्म पॉलिसी, जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति की स्थिति देखी। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे ने इन पांचों मेडिकल कॉलेजों की परियोजना की स्वीकृत लागत, एलओपी के सापेक्ष कार्य की भौतिक प्रगति और कार्य पूर्ण होने की तिथि के बारे में अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने इन मेडिकल कॉलेजों को फरवरी 2019 तक हर हाल में पूरा कर लेने के निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय व प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल भी मौजूद थे।
केंद्र से मिले करोड़ों
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दुबे ने सीएम को फेज-2 में स्थापित होने वाले 8 मेडिकल कॉलेजों को लेकर चल रही कार्यवाही से भी अवगत कराया। ये मेडिकल कॉलेज एटा, फतेहपुर, गाजीपुर, हरदोई, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर और देवरिया में स्थापित किए जाएंगे। केंद्रांश के रूप में 7 मेडिकल कॉलेजों के लिए 350 करोड़ रुपये मिल चुके हैं, जबकि देवरिया मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति भारत सरकार से मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति के साथ ही भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने बांदा, बदायूं व जौनपुर में बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेजों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सैफई में निर्मित किए जा रहे 500 बेड के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और चकगंजरिया (लखनऊ) में स्थापित किए जा रहे सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान व हॉस्पिटल की भी प्रगति की समीक्षा की।
बलरामपुर में केजीएमयू के सेटेलाइट केंद्र की स्थापना और आगरा मेडिकल कॉलेज के भवन के रिनोवेशन के लिए मास्टर प्लान भी देखा। आगरा, इलाहाबाद, गोरखपुर, मेरठ और झांसी में स्थापित किए जाने वाले टर्शरी केयर कैंसर सेंटर के बारे में भी जानकारी ली।
जल्द भरे जाएंगे खाली स्थान
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- फोटो : डेमो
मेरठ, झांसी, इलाहाबाद और गोरखपुर में बनने वाले सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉकों की प्रगति के बारे में भी जाना। तो गोरखपुर, कानपुर, आगरा और इलाहाबाद में स्थापित की जा रही बर्न यूनिट के काम में तेजी लाने को कहा। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में मौजूद शैय्याओं की जानकारी ली।
सीएम ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में खाली स्थान जल्द भरने के निर्देश भी दिए। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे ने बताया कि चिकित्सा पर्यटन क्षेत्र में यूपी काफी कुछ कर सकता है। इसके लिए रियायती दर पर हवाई यात्रा की सुविधा, दुभाषियों की व्यवस्था और रियायती आवास व भोजन की व्यवस्था काफी कारगर साबित हो सकती है।