प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार किसानों को तिल-तिल करके मरने के लिए विवश कर रही है। सरकार गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर कतई गंभीर नहीं है। 14 दिनों के भीतर गन्ना मूल्य भुगतान कराने का भाजपा का वादा पिछले चार सालों छलावा साबित हुआ है। चीनी मिलों पर किसानों का 12219 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। उन्हें इसका अविलंब भुगतान कराने की मांग की है।
अजय कुमार लल्लू ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि ब्याज की कौन कहे, गन्ना किसानों को उनके मूलधन का भी भुगतान नहीं हो सका है। बकाया भुगतान न होने से किसान आर्थिक नुकसान बर्दाश्त कर रहे हैं। मजबूर होकर उन्हें सड़कों पर संघर्ष करने के लिए विवश होना पड़ रहा हैं। भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों के प्रति संवेदनहीनता की सारी सीमाएं लांघ रही है। कई जिलों में आर्थिक तंगी व कर्ज के बोझ के चलते किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुए हैं। पेराई सत्र प्रारंभ हुए दो माह हो चुके हैं लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य की घोषणा तक नहीं की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि किसानों के खून-पसीने व हाड़तोड़ मेहनत से पैदा किए गए गन्ने की उपज के बल पर प्रदेश में चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। चीनी मिल मालिक शीरा व सेनेटाइजर आदि बनाकर भारी लाभ कमा रहे हैं। सरकार चीनी मिलों को तमाम सब्सिडी व सुविधाएं दे रही है लेकिन वे बकाया भुगतान न करके गन्ना किसानों का शोषण कर रहे हैं। सरकार चीनी मिल मालिकों के विरूद्ध किसी भी तरह की कोई कार्यवाही से बच रही है। सरकार और चीनी मिल मालिकों की सांठ-गांठ का ही परिणाम है कि चीनी के लिये गन्ने की पैदावार करने वाले गन्ना किसान आर्थिक तंगी और भुखमरी की कगार पर हैं।
निर्यात सब्सिडी किसानों के लिए छलावा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने केंद्र सरकार द्वारा 3500 करोड़ रुपये की निर्यात सब्सिडी को गन्ना किसानों के लिए तोहफा बताने की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि किसानों को निर्यात पैकेज हर वर्ष दिया जाता है। गन्ना किसानों को इससे एक भी रुपये का अतिरिक्त लाभ नहीं मिलता है। इस पैकेज पर केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।