नाई समाज को अपने पाले में लाने के लिए भाजपा ओबीसी के मसीहा माने जाने वाले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के नाम का भी सहारा ले रही है। अगस्त-सितंबर में भाजपा ने लखनऊ में अलग-अलग जातियों की समाजिक प्रतिनिधि बैठक करके पार्टी के पक्ष में ओबीसी की गोलबंदी का अभियान भी चलाया।
नाई समाज की बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एलान भी किया कि प्रदेश के हर जिले में कम से कम एक सड़क का नाम कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा जाएगा। गौरतलब है कि कर्पूरी ठाकु र नाई समाज के थे और उन्हें बिहार में सामाजिक न्याय के सबसे बड़े मसीहा के तौर पर जाना जाता है। लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा के महागठबंधन को लेकर भाजपा सशंकित है।
महागठबंधन को लेकर भाजपा नेता खासे चौकन्ने हैं क्योंकि उन्हें इसका अहसास है कि सिर्फ सवर्णों के सहारे सत्ता में वापसी संभव नहीं है। ऐसे में भाजपा कर्पूरी ठाकुर जैसे उन तमाम नेताओं के नाम को भुनाने में जुटी है, जिन्हें सपा और बसपा ने अपने शासनकाल में ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई।