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हाईकोर्ट ने अवैध घोषित किया तो हड़ताल स्थगित, लखनऊ खंडपीठ की सख्ती के बाद देर रात हुआ फैसला

Fri, 08 Feb 2019 02:42 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों की हड़ताल को बृहस्पतिवार को अवैध घोषित कर दिया। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच ने बुधवार से शुरू महाहड़ताल देर रात स्थगित कर दिया।

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इससे पहले हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए कहा था कि हड़ताल सरकारी कर्मचारियों के सेवा आचरण के खिलाफ है। साथ ही अफसरों को हड़ताली कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई का आदेश दिया था।

जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा और जस्टिस अजय भनोट ने अधिवक्ता राजीव मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि हड़ताल अवैध है। इसे तत्काल खत्म किया जाए। फिर भी जो कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं, उनकी वीडियोग्राफी करवाएं। नियमानुसार कार्रवाई कर एक माह में रिपोर्ट दाखिल करें।
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याची : लाखों विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा दे रहे, हड़ताल से पूरी व्यवस्था पर असर
अधिवक्ता राजीव मिश्रा ने याचिका में कहा कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। इनमें लाखों विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। सरकारी कार्य भी चल रहे हैं। इनके बीच अचानक हड़ताल की घोषणा कर दी गई। एस्मा के बावजूद हड़ताल शुरू होने से समस्त व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। 

सरकार ने कहा था- 10 फीसदी कर्मचारी हड़ताल पर
याची के वकील अनुराग शुक्ला के अनुसार सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसने एस्मा लगा दिया है। फिर भी करीब 10 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस मामले में दाखिल एक अन्य जनहित याचिका की सुनवाई शुक्रवार को होगी।

पेंशन बहाली मंच ने कहा- जारी रहेगी लड़ाई
हाईकोर्ट के निर्देश पर हड़ताल स्थगित करने के बावजूद पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लड़ाई खत्म नहीं हुई है। लड़ाई किस तरह से लड़ा जाएगा, यह मंच के घटक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक में तय किया जाएगा। तिवारी ने कहा कि हाईकोर्ट ने सरकार से इस मामले में उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।

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