विश्वेश्वरैया सभागार में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक
प्रदेश के कानून व न्यायमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि राज्य कर्मचारी सरकार के प्राण, आत्मा और हाथ-पैर हैं। कर्मचारियों के बिना न राज्य सरकार चल सकती है और न केंद्र सरकार। प्रदेश सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर संवेदनशील है। कहा, ‘जो समस्याएं यहां रखी गई हैं उनके समाधान के लिए वह डाकिए की भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पूरी बात रखूंगा।’
वह शनिवार को विश्वेश्वरैया सभागार में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अधिवेशन में बोल रहे थे। परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा, पुरानी पेंशन बहाली पर लापरवाही बरत रहे अधिकारियों पर सरकार कार्रवाई करे। यदि पेंशन बहाली की मांग पर कोई स्पष्ट आदेश नहीं हुआ तो कर्मचारी फिर हड़ताल पर जाएंगे और लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया जाएगा।
पाठक ने कहा, सरकार की योजनाएं और विकास कार्यों को जमीन पर उतारने एवं जन समस्याओं का समाधान कराने में कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है। इसलिए उनकी अनदेखी का सवाल ही नहीं है। पर, कई बार कुछ सीमाएं होती हैं। इस नाते फैसला करने से पहले सोच-विचार करना पड़ता है।
विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने कहा, पेंशन को लेकर कर्मचारियों की चिंता स्वाभाविक है। सरकार का इस मामले में उच्चस्तरीय समिति का गठन करना यह साबित करता है कि वह कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली को लेकर गंभीर है। कहा कि पहले कार्यपालिका फिर न्यायपालिका और वर्तमान में विधायिका में काम करने के नाते कर्मचारियों की समस्याओं से अच्छी तरह परिचित हूं। लंबी सेवा के बाद पेंशन कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद आत्मविश्वास देती है और उनका मनोबल बनाए रखती है।
इस मौके पर लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष राममूरत यादव ने अधिवेशन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद में शामिल होने की घोषणा की। अधिवेशन को माध्यमिक शिक्षक संघ के डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा, अधिकारी-कर्मचारी महापरिषद के संरक्षक बाबा हरदेव, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व अध्यक्ष रामजी अवस्थी, पूर्व उपाध्यक्ष बीएल. कुशवाहा, परिषद के जिलाध्यक्ष बीएस. डोलिया ने भी संबोधित किया।