राजधानी में कानपुर रोड स्थित सिटी मांटेसरी स्कूल में शनिवार को आयोजित विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 19वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय विवादों का मध्यस्थता के जरिए समाधान ढूंढने के प्रयास करने होंगे। भावी पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण और शांतिपूर्ण माहौल उपलब्ध कराना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है।
भारत ने मानव कल्याण की पैरोकारी के लिए हमेशा शांति और सौहार्द को बढ़ावा देने का काम किया है। भारतीय संस्कृति की वसुधैव कुटुंबकम् की परंपरा अपनाकर विश्व में व्याप्त विभिन्न समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
उन्होंने समारोह में आए न्यायाधीशों का स्वागत करते हुए कहा कि हम सभी को मिलकर यह प्रयास करने होंगे, जिससे आने वाली पीढ़ी को एक ऐसी विरासत सौंप सकें जिसमें वे शान्ति, एकता और सद्भाव के साथ रहकर निजी और सामाजिक प्रगति कर सकें।
भारत ने मानव कल्याण की पैरोकारी के लिए हमेशा शांति और सौहार्द को बढ़ावा देने का काम किया है। भारतीय संस्कृति की वसुधैव कुटुंबकम् की परंपरा को अपनाकर सभी को स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुलभ कराने के साथ ही, वर्तमान समय में विश्वभर में व्याप्त अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, परमाणु हथियारों के भंडार, राष्ट्रों व नागरिकों के बीच मतभेद जैसी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। इसके लिए विश्व के सभी राष्ट्रों को अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना होगा।
सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति गालेमा मोतलांथे, क्त्रसेशिया के पूर्व राष्ट्रपति स्तेपान मैसिक, मॉरीशस की पूर्व राष्ट्रपति अमीनाह गरीब फकीम, त्रिनिदाद और टौबेगो के पूर्व राष्ट्रपति न्यायमूर्ति एंथनी एक्विनॉस कारमोना, तुवालु के गर्वनर जनरल आयकोबा टी इटालेली, लिसोथो के पूर्व प्रधानमंत्री डा. पकलिथा बी मोसीसिली सहित विभिन्न देशों के मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश तथा कानूनविद् मौजूद थे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने भी समारोह में आए लोगों को संबोधित किया।