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बरेली विकास प्राधिकरण के इंजीनियर का लेनदेन का वीडियो वायरल होने पर शासन सख्त

Mon, 21 Sep 2020 11:05 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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रिश्वत लेते - फोटो : Demo pic
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बरेली विकास प्राधिकरण के एक अधिशासी अभियंता के लेनदेन का वीडियो वायरल होने पर शासन ने मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ा रुख अपनाया है। बरेली के एक आवासीय प्रोजेक्ट पर मनमाने ढंग से आपत्ति लगाने की इस साजिश को उच्चस्तर पर काफी गंभीरता से लिया गया है। सोमवार को प्रभावित पक्ष ने प्रमुख सचिव, आवास से मिलकर अपनी बात रखी। अधिशासी अभियंता से संबंधित फाइल को किसी अन्य अधिकारी को दिए जाने और आरोपित अभियंता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मीडिया के अलावा उच्चाधिकारियों को भी अधिशासी अभियंता के लेनदेन का एक वीडियो भी दिखाया।
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प्रोजेक्ट से संबंधित कार्यदायी संस्था की निदेशक मधु कोकरा और फर्म के प्रबंध निदेशक मधुर गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बरेली में एनएच-74 पर स्थित उनके आवासीय प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बीडीए के एक अधिशासी अभियंता ने पूर्णता प्रमाणपत्र देने के लिए तीन लाख रुपये रिश्वत मांगी। रिश्वत की पूरी राशि एडवांस में न मिलने पर पूर्णता प्रमाणपत्र रोकने की धमकी भी दे रहे हैं।

फर्म के अधिकारियों का कहना है कि इस एक्सईएन के मानचित्र विभाग की जिम्मेदारी लेने से पहले ही अनंतिम प्रमाणपत्र मिल चुका है। 8 मई 2020 की ऑनलाइन स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, अवर अभियंता ने सभी औपचारिकताएं पूर्ण किए जाने की लिखित में ऑनलाइन पुष्टि की। संपूर्ण अनापत्ति प्रमाणपत्र दिए जाने की रिपोर्ट भी दी जा चुकी है।
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बीडीए की तत्कालीन उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल की उपस्थिति में हुई बैठक में लोक निर्माण विभाग से केवल 61 मीटर सड़क की पुष्टि मात्र के बाद पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किए जाने की सहमति और फैसला लिया जा चुका है। इस बैठक में रिश्वत मांगने वाला एक्सईएन भी शामिल था। बाद में बात होने पर एक्सईएन ने कहा, मैंने सीनियर अधिकारियों के सामने कह दिया, यह अलग बात है, लेकिन मैं करूंगा वही, जो मुझे करना है। इतना ही नहीं 12 सितंबर को दिव्या मित्तल के स्थानांतरित हो जाने के बाद अगले ही दिन एक्सईएन ने रिश्वत की राशि बढ़ा दी। राजनीतिक पार्टी के प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भी कहलवाया, पर एक्सईएन नहीं माना। उल्टे अपने जेई और एई को पीडब्ल्यूडी कार्यालय भिजवाकर वहां से अर्धसत्य पत्र जारी करवाया। इसमें पीडब्ल्यूडी से पूर्व में मिले अनापत्ति प्रमाणपत्र को निरस्त करने के आशय की जानकारी दी गई।

फर्म से जुड़े लोगों ने एक्सईएन का रिश्वत लेते वीडियो जारी करते हुए कहा कि नियमानुसार शमन की राशि भी बरेली विकास प्राधिकरण के कोष में जमा कराई जा चुकी है। इसके बाद 4 मई 2018 को ग्रुप हाउसिंग के इस मानचित्र को स्वीकृत कर दिया गया था। इस पर भी एक्सईएन द्वेषवश नकारात्मक टिप्पणियां एवं कार्यवाही की बात कर रहे हैं। वहीं, गैरकानूनी ढंग से प्रोजेक्ट को निरस्त करने और संबंधित फाइल पर अनुचित टिप्पणियां करने की धमकियां भी दे रहे हैं।

मधु कोकरा ने कहा कि वह लंबे समय से राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनके स्वर्गीय भाई तीन बार भाजपा से पीलीभीत से विधायक रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे भावनात्मक रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फैन हैं। हमारी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अच्छा काम क र रही है। प्रोजेक्ट से ज्यादा आम जनता की चिंता है। अन्याय सहन नहीं करूंगी। मधुर गुप्ता ने कहा कि लखनऊ में अधिकारियों से मिलकर मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित करने और इस प्रकरण की जांच करके संबंधित अधिशासी अभियंता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मधुर गुप्ता ने बताया कि वे प्रमुख सचिव, आवास से भी मिले। उन्होंने ध्यान से मामला सुना। संबंधित साक्ष्य देखे और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रमुख सचिव, आवास एवं नियोजन दीपक कुमार ने बताया कि बरेली के कुछ लोगों ने आज मुझसे मिलकर प्रकरण की जानकारी दी है। उन्होंने जो साक्ष्य मुझे दिए हैं, उसके आधार पर मैंने बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को जांच कर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है।

पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष से भी मिला प्रभावित पक्ष
बरेली के आवासीय प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों ने पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष राजपाल सिंह से मिले। उन्हें पीडब्ल्यूडी से पूर्व में मिले अनापत्ति प्रमाणपत्र पर बीडीए के एक्सईएन के कहने पर आपत्ति लगाने का मामला बताया। मधुर गुप्ता ने बताया कि विभागाध्यक्ष ने इसे अनुचित बताते हुई बरेली के पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
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