राज्य सरकार परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को डॉ. राम मनोहर लोहिया की जीवनी पढ़वाने जा रही है। सरकार चाहती है कि बच्चे यह जानें कि लोहिया कौन थे और उन्होंने देश के लिए क्या किया।
हालांकि, सरकार इसी साल से बच्चों को लोहिया की जीवनी पढ़वाना चाहती थी, लेकिन देर से सहमति बनने से ऐसा नहीं हो पाया। इसलिए नए शैक्षिक सत्र 2015 से बच्चों को मुफ्त दी जानी वाली महान व्यक्तित्व नामक पुस्तक में लोहिया की जीवनी 32वें पाठ के रूप में शामिल किया जाएगा।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राओं को मुफ्त किताब देने की व्यवस्था है। राज्य सरकारें अपने हिसाब से पाठ्यक्रमों में बदलाव करती रहती हैं।
प्रदेश में सपा सरकार है, वह लोहिया को आदर्श मानती है। इसलिए चाहती है कि परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी लोहिया के बारे में जानें। कक्षा छह में चलने वाली किताब महान व्यक्तित्व में उनकी जीवनी को शामिल करने की तैयारी है।