रिश्ते
तो रिश्ते होते हैं। भले ही रिश्तों में कड़वाहट भर गई हो, आपस में बोलचाल
न हो। लेकिन, रिश्ते निभाने के लिए ही होते हैं, यह साबित करने जा रही हैं
सोनिया गांधी और राहुल।
कांग्रेस सूत्रों की मानें तो गांधी परिवार की
छोटी बहू मेनका के खिलाफ प्रचार के लिए न तो सोनिया जाएंगी, न ही राहुल।
कांग्रेस वहां महज प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की सभा करवाएगी। मेनका भले
रिश्ते न निभाएं.... पीहर से तो दहेज लेकर नहीं आईं थीं सोनिया... जैसे
बयान देती रहें।
वरुण अपने भाई की तारीफ कर दें, तो डपट दें। लेकिन, जेठानी
तो रिश्ते निभा ही रही हैं।