बीते दिनों सूबे के मुखिया और सुप्रीमो के ड्रीम प्रोजेक्ट में कुछ दहाड़ने वाले बीमार पड़ गए। चौतरफा शोर मच गया।
आलाकमान ने अधिकारियों को कई राउंड तलब किया तो मामला और भी बड़ा नजर आने लगा। अधिकारियों ने भी अपनी जान बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम वहां उतार दी।
मामला कुछ शांत पड़ा, लेकिन एक आला अधिकारी अब इससे परेशान हैं। मुखिया, अधिकारी, खबरनवीस जब-तब उनसे शेरों का हालचाल लेते ही रहते हैं।
वे जैसे-तैसे जवाब देते रहते हैं, लेकिन अब तो इन सबके अलावा और कई सज्जन भी उन दहाड़ने वालों के खैरख्वाह बन गए हैं।
दुआ सलाम के बाद जब कभी मुखिया दफ्तर पहुंचते हैं तो अन्य विभागों के आला अधिकारी भी हालचाल पूछ बैठते हैं।
बेचारे कुछ दिनों बाद सर्वेसर्वा की कुर्सी पाने वाले हैं, किसी को नाराज भी नहीं करना चाहते, सो हाल-ए-दिल बयां करने में जुट जाते हैं।