कांवड़ यात्रा को लेकर बुधवार 12 जुलाई शाम चार बजे से 16 जुलाई की दोपहर 12 बजे तक करीब 92 घंटे के लिए गोरखपुर-लखनऊ हाईवे भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। पड़ोसी जनपदों की सीमाओं से ही वाहनों को अलग-अलग स्थानों से डायवर्ट कर उनके गंतव्य को रवाना किया जाएगा। कांवड़ियों के वाहन व आपातकालीन सेवाओं के वाहनों पर प्रतिबंध नहीं लागू होगा। वहीं बस्ती जिले से बुधवार शाम तक करीब 20 हजार कांवड़िये अयोध्या पहुंच गए थे।
श्रावण माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को बस्ती जिले के शिवभक्त बाबा भदेश्वरनाथ पर जलाभिषेक करते हैं। इसके लिए हजारों शिवभक्त कांवड़िये पैदल, बाइक, चार पहिया वाहनों व ट्रैक्टर ट्रॉली से अयोध्या आते हैं। यह क्रम करीब तीन दिन पूर्व से ही शुरू हो जाता है। ये कांवड़िये सरयू स्नान कर नागेश्वरनाथ पर जलाभिषेक करने के बाद बस्ती जिले के सिद्ध स्थान भदेश्वरनाथ के लिए पैदल रवाना होते हैं। इस बार त्रयोदशी 15 जुलाई को पड़ रही है, कांवड़ियों का जत्था 13 जुलाई की शाम तक अयोध्या पहुंच जाएगा जो 14 जुलाई सुबह से वापस होने लगेगा। इनके आवागमन में बाधा न हो, इसके लिए कई वर्षों से हाईवे बंद कर डायवर्जन लागू किया जाता रहा है।
छह से सात हजार दो व चार पहिया वाहन आने का अनुमान
एक अनुमान के मुताबिक, इस बार कांवड़ यात्रा में करीब छह से सात हजार दो व चार पहिया वाहन आ सकते हैं। ज्यादातर कांवड़िये जल भरने के बाद नंगे पैर पैदल डीजे की धुन पर नाचते गाते बाबा भदेश्वरनाथ के लिए रवाना होते हैं। 14 जुलाई से वापसी का क्रम प्रारंभ होगा, जो रात भर जारी रहेगा। वापसी में हाईवे पर अयोध्या व बस्ती प्रशासन की अग्नि परीक्षा होती है। अयोध्या से लेकर बस्ती तक हाईवे पर चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पीएसी बल भी तैनात किया गया है। वहीं दोनों जिलों की पुलिस आपस में समन्वय बनाकर काम कर रही है।
हाईवे की एक लेन सुरक्षित, दूसरी पर लगा लंबा जाम
कांवड़ियों के लिए बुधवार को यातायात पुलिस ने एक लेन सुरक्षित रखी गई जबकि दूसरी लेन से समय सीमा से पहले प्रवेश कर चुके वाहन गुजरते रहे, इससे भारी जाम लगा रहा। भीड़ बढ़ने पर दोनों लेन को बंद कर दिया जाएगा। वहीं, गोरखपुर-बस्ती, गोंडा, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी की सीमाओं से ही बड़े वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है। निर्धारित समय सीमा के अंदर जो वाहन डायवर्जन स्थल को पार कर चुके थे, उन्हें जाने के लिए एक लेन खोली गई है। इसके चलते इस लेन पर लंबा जाम दिखा। वाहन रेंगते दिखे।