सेना की जासूसी के मामले में शक के दायरे में आए गोरखपुर के अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रभुनाथ पर आखिरकार गाज गिर ही गई। शासन ने बृहस्पतिवार को उन्हें गोरखपुर से हटाकर राजस्व परिषद भेज दिया। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन नोएडा में ओएसडी केशव कुमार को गोरखपुर का नया एडीएम (प्रशासन) बनाया गया है।
एटीएस ने हाल ही झांसी के उप जिलाधिकारी सदर कार्यालय से सेना से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तानी जासूसों को देने का खुलासा किया था। स्टेनो राघवेंद्र अहिरवार ने अपने बयान में कहा था कि वह झांसी के तत्कालीन एसडीएम प्रभुनाथ के निर्देश पर मेजर यादव को फोन पर सूचना देता था।
स्टेनो के बयान के आधार पर यूपी एटीएस ने 7 अगस्त को नोटिस भेजकर मौजूदा समय में गोरखपुर में एडीएम (प्रशासन) के पद पर तैनात प्रभुनाथ को पूछताछ के लिए 9 अगस्त को लखनऊ तलब किया था, लेकिन वे नहीं आए।
चूंकि एडीएम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में तैनात हैं। ऐसे में सरकार ने किसी तरह के नए विवाद से बचने के लिए बृहस्पतिवार को प्रभुनाथ को गोरखपुर से हटाकर राजस्व परिषद में उप भूमि व्यवस्था आयुक्त के पद पर लखनऊ स्थानांतरित कर दिया है।
एक तरह से उन्हें साइडलाइन कर दिया गया है। एटीएस अब प्रभुनाथ का बयान दर्ज करने के लिए नए सिरे से नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। इस मामले में झांसी में तैनात रहे तीन और पूर्व एसडीएम एटीएस के राडार पर हैं।