सोमवार सुबह करीब पौने छह बजे राकेश ने अपने कमरे का दरवाजा खोला तो सामने के बरामदे में दीवार से सटा एक नकाबपोश खड़ा था। उसके हाथ में असलहा भी था। बदमाश को देख राकेश ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
बाराबंकी शहर में रहने वाले बड़े भाई मनोज जायसवाल व कुछ अन्य लोगों को फोन पर सूचना दी। मनोज ने मदद के लिए डॉयल 112 पर कॉल करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली तो रामनगर थाने के सीयूजी नंबर पर फोन कर जानकारी दी।
परिवारीजनों के मुताबिक सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची जबकि थाना वहां से महज 11 किलोमीटर दूर है। इससे पहले आहट सुन बदमाश घर के पीछे बाउंड्री पर लगी सीढ़ी के सहारे कूद कर भाग गए। बदमाश सीढ़ी साथ ही लाए थे जो मौके पर लगी मिली।
इसके बाद पुलिस की जांच में छत पर चौकीदार शंभू का शव मिला। उसके मुंह से खून निकला था। चोट के निशान थे। गला गमछे से कसा था। उसका चश्मा भी टूटा पड़ा था। आशंका जताई जा रही है कि विरोध करने पर बदमाशों ने गला दबाकर शंभू की हत्या कर दी। राकेश जायसवाल ने बताया कि घर के एक कमरे को बदमाशो ने खंगाला जिसमें कपड़े बिखरे पड़े थे लेकिन कोई सामान गायब नहीं है।
घटनाक्रम को देखते हुए माना जा रहा है कि बदमाशों का निशाना बैंक शाखा थी। विगत माह रामनगर क्षेत्र की कई बैंक शाखाओं में रात के वक्त चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। करीब 15 वर्ष पूर्व भी इस बैंक शाखा को बदमाश निशाना बना चुके हैं।
प्रथम तल पर स्थित बैंक तक पहुंचने का रास्ता पीछे से है लेकिन उसका दरवाजा अंदर से बन्द था। दरवाजे की कुंडी बाहर भी है जो खुली थी। इससे बदमाश बैंक में नही घुस सके। घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे न होने से पुलिस को सुराग मिलने में दिक्कत हो रही है।