मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में बाढ़ का पानी घट रहा है लेकिन अभी भी घरों व रास्तों पर भीषण जलभराव है। इसके चलते बाढ़ पीड़ित लोग अभी भी छतों पर हैं। तहसील प्रशासन द्वारा बांटे जा रहे लंच पैकेट से गुजारा कर रहे हैं। बाढ़ का पानी सोमईगौढी, मंझरा, गिरगिट्टी आदि ग्राम पंचायतों के दो दर्जन मजरों में भरा है। वहीं करमोहना व पुरैना रघुनाथपुर के मजरा अस्सीपुरवा में बूढ़ी सरयू कहर ढाते हुए तेजी से कटान कर रही है। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि बाढ़ चौकियों से लंच पैकेट तैयार कराकर नावों से पहुंचाया जा रहा है। नदी का पानी अब घटने लगा है। अस्सीपुरवा में बूढी सरयू ने लोगों के घरों को काटा है, उसके सर्वे के लिए टीम बनाई गई है।
गांव में घुसा बाढ़ का पानी।
शिवपुर विकासखंड क्षेत्र के दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी अब घट गया है लेकिन अपने पीछे कीचड़ छोड़ गया है। इससे ग्रामीण संक्रामक बीमारियों खास कर डेंगू को लेकर आशंकित हैं। एसडीएम नानपारा अश्वनी पांडे ने बताया कि जलस्तर घटने से क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति अब सामान्य हो गई है। प्रशासन इस पर नजर बनाए हुए है।
लाल निशान से 79 सेमी ऊपर सरयू, कम हुई ट्रेनों की रफ्तार
बहराइच-लखनऊ राजमार्ग पर जरवलरोड स्थित एल्गिन ब्रिज पर सरयू अभी भी लाल निशान से 79 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सोमवार शाम एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.86 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से 79 सेंटीमीटर ऊपर रहा। यह देखते हुए रेल प्रशासन ने एल्गिन ब्रिज पर ट्रेनों की रफ्तार रविवार से कम कर दी है। 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों को गुजारा जा रहा है।