गाड़ी मैकेनिक हो या फिर कारपेंटर। एसी बनाने वाले हो या फिर इलेक्ट्रीशियन। इन्हें अब मुफ्त में तकनीकी हुनर सिखाया जाएगा।
इसके लिए उन पर प्रति घंटे 25 रुपये के हिसाब से खर्च भी किया जाएगा। ऐसे लोगों को तकनीकी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
इसके सहारे उन्हें आगे चलकर ऋण लेने में तो आसानी तो होगी ही साथ में उद्योगों या फिर बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नौकरी मिल सकेगी।
प्रदेश सरकार कौशल विकास मिशन योजना के तहत यह कार्यक्रम चलाएगी। इसके लिए सरकारी पॉलीटेक्निक व आईटीआई में कक्षाएं चलाई जाएंगी।
जरूरत के आधार पर अतिथि प्रवक्ता रखने की भी व्यवस्था होगी। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी इस संबंध में शीघ्र ही दिशा-निर्देश जारी करने वाले हैं।
प्रदेश में कौशल विकास मिशन के तहत पांच सालों में करीब 45 लाख ऐसे युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाना है। इस योजना का मुख्य मकसद ऐसे युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाना है जो छोटे-मोटे रोजगार से जुड़े हुए हैं या फिर रोजगार की तलाश कर रहे हैं।
प्रशिक्षण शुरू करने से पहले स्थानीय स्तर पर उद्योगपतियों या बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सदस्यों से सुझाव लिया जाएगा।
इसके बाद प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रदेश की कौशल विकास नीति को मंजूरी दी जा चुकी है। प्रशिक्षण पर 2384 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन गवर्निंग काउंसिल और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्टेयरिंग कमेटी का गठित होगी। जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई बनेगी।
इसकी योजना की खास बात यह होगी कि युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए उनसे स्थानीय स्तर पर आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन के आधार पर चयन करते हुए प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद युवाओं को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर इनके रोजगार दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।
इसके लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जाएगा। नौकरी न करने वाले युवाओं को ऋण दिलाने की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे अपना रोजगार शुरू कर सकें। इंडियन बैंक एसोसिएशन ने कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए एक ऋण योजना को मान्यता दी है। इसे कई सार्वजनिक बैंकों ने स्वीकार भी कर लिया है।
इस ट्रेड में मिलेगा प्रशिक्षण
राज्य सरकार इस योजना के तहत सुरक्षा गार्ड, ड्राइविंग, कालीन बुनाई, चमड़े, पीतल, रेश्म की बुनाई, फर्नीचर, खेल के सामान, इत्र, पोल्ट्री, कंप्यूटर, मोबाइल रिपेयरिंग, गाड़ी बनाने, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर, एसी बनाने या फिर उद्योगों के सुझाव पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।