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एलडीए के सैकड़ों डिफॉल्टरों के लिए खुशखबरी

Wed, 14 Aug 2013 08:45 AM IST
लखनऊ/ऋषि मिश्र
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लखनऊ विकास प्राधिकरण डिफॉल्टरों को राहत देने की तैयारी में है। ऐसे भवन और फ्लैट जिनका 25 फीसदी भी धन जमा है उनके आवंटन बहाल किए जाएंगे।
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अब तक यह सीमा 50 फीसदी तक थी। जल्द ही इसके आदेश जारी हो जाएंगे। इस आदेश से करीब पांच सौ आवंटियों को राहत मिलेगी। फिलहाल भूखंडों पर यह नियम नहीं लागू होगा।

राजधानी में करीब पांच सौ ऐसे भवन और फ्लैट के आवंटी हैं जिनके अरमानों पर भारी बकाये के कारण पानी फिर गया था।

हालांकि, अभी चल रहे नियम के मुताबिक 50 फीसदी से कम धन जमा होने पर आवंटन निरस्त होने के बाद पुनर्जीवन संभव नहीं है। जो आवंटी पैसा जमा भी करना चाहते हैं ये नियम उनके सपने में रोड़ा बन रहा है।
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वहीं, अधिकांश आवंटी ऐसे हैं जो डिफॉल्टर होने के बावजूद भवनों और फ्लैटों पर काबिज हैं। इसलिए प्राधिकरण भले ही आवंटन निरस्त कर दे, उन्हें बेदखल कर पाना मुश्किल है।

आवंटी अदालत की शरण ले सकते हैं जिससे न तो प्राधिकरण को बकाया धन जल्द वापस मिल पाएगा और न ही अपनी संपत्ति। लिहाजा नियम में बदलाव किए गए हैं।

भूखंडों में भी ऐसे ही फैसलों की जरूरत
जानकारों के मुताबिक, ऐसे ही एक और फैसले की जरूरत है। प्लाॅटों के भी ऐसे सैकड़ों मामले एलडीए में पेंडिंग हैं, जिनमें 50 फीसदी से कम धन जमा होने की वजह से आवंटियों से उनकी संपत्ति छीनी जा रही है।

ऐसे भी कई मामले हैं जिनमें प्राधिकरण की गड़बड़ियों की वजह से आवंटियों ने धन नहीं जमा किया था। किसी की फाइल गायब हो गई, किसी को गलत भूखंड मिला तो किसी एक भूखंड के दो दावेदार आ गए।

इसलिए माना जा रहा है कि जब तक प्लॉटों के लिए यह नियम नहीं आएगा तब तक लोगों को पूरी तरह से राहत नहीं मिलेगी। इनके जरिये भी एलडीए को करोड़ों रुपये का डिफॉल्टिंग अमाउंट वापस मिल सकेगा।
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जिस भवन या फ्लैट का कम से कम 25 फीसदी धन जमा है, उसका आवंटन निरस्त होने के बावजूद बहाल किया जाएगा। पहले यह नियम 50 फीसदी धन जमा होने का था। प्लाॅटों पर यह नियम लागू नहीं होगा। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी कर दिया जाएगा।
-अष्टभुजा प्रसाद तिवारी, उपाध्यक्ष, लविप्रा
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