प्रदेश के बुनकरों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार बुनकरों के स्वास्थ्य बीमे का प्रीमियम माफ करने जा रही है।
अभी तक बुनकरों को भी प्रीमियम का 10 प्रतिशत हिस्सा देना होता था। बाकी पैसा केंद्र व प्रदेश सरकार देती थीं।
नई योजना में बुनकरों को अस्पताल में कैशलेस इलाज की भी सुविधा प्रदान की जाएगी। नई योजना से 6.64 लाख कामगारों को फायदा मिलेगा।
प्रदेश में बुनकरों व पॉवरलूम कामगारों की संख्या 6.64 लाख है। अभी तक बुनकरों के स्वास्थ्य बीमा का 80 प्रतिशत पैसा केंद्र सरकार से मिलता था, जबकि 10 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश सरकार व 10 प्रतिशत ही बुनकरों को देना होता था।
इसके तहत बुनकर, उसकी पत्नी व दो बच्चों को इलाज की सुविधा मिलती है। इसके तहत 15 हजार रुपये तक का इलाज होता था। केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले ही बुनकरों को भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार के पास भेजा था।
इस प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार राजी हो गई है। नई योजना के तहत प्रदेश सरकार अपना हिस्सा और बढ़ाने जा रही है। प्रीमियम का 75 प्रतिशत पैसा केंद्र व 25 प्रतिशत पैसा राज्य सरकार भरेगी।
नई बीमा योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा बुनकरों को दी जाएगी। साथ ही इलाज कराने की सीमा भी दोगुनी कर दी है। अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने में अब 30 हजार रुपये तक का मुफ्त इलाज बुनकर व उसके परिवारीजन करा सकेंगे।
जबकि ओपीडी में 7500 रुपये तक का इलाज करा सकते हैं। बुनकर व उसके परिवार को सभी प्रकार के इलाज की सुविधा इसमें दी जाएगी।
पॉवरलूम कामगारों को भी मिलेगी सुविधा
प्रदेश में पहली बार पॉवरलूम कामगारों को भी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने की तैयारी है। अभी तक पॉवरलूम कामगार सरकार की योजना में शामिल नहीं थे। लेकिन प्रदेश सरकार इन्हें भी शामिल करने जा रही है। कामगारों का बीमा प्रीमियम भी सरकार देगी।