योजना के अनुसार लखनऊ के नजदीकी आठ जिलों के बीच आउटर रिंग रोड पर आठ बस अड्डे बनाए जाएंगे। इसमें लखनऊ से सीतापुर, मोहान, कानपुर, हरदोई, रायबरेली, अयोध्या, कुर्सी रोड व सुल्तानपुर रोड शामिल है।
बस अड्डों की वजह से शहर के अंदर जाम लग रहा है। बसें बेतरतीब खड़ी रहती हैं। इससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतें होती हैं। ऐसे में हाईवे, रिंगरोड व आउटर रिंग रोड पर आठ बस अड्डे बनाने की योजना है। लखनऊ जिला प्रशासन को इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है।
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यह कवायद महज लखनऊ में ही नहीं होगी बल्कि प्रदेशभर में ऐसे बस अड्डे बनाए जाएंगे। इस बाबत शासन ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर हाईवे और रिंग रोड पर बस स्टेशन बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने को कहा है। उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के अफसरों ने बताया कि एक बस अड्डे को बनाने में 10 एकड़ जमीन की जरूरत है। इसमें वर्कशॉप भी होगी और तीन एकड़ में इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र और प्रमुख सचिव परिवहन एल वेंकटेशवर लू की ओर से परिवहन निगम को भी पत्र भेजा गया है। अफसरों का कहना है कि योजना के अनुसार लखनऊ के नजदीकी आठ जिलों के बीच आउटर रिंग रोड पर आठ बस अड्डे बनाए जाएंगे। इसमें लखनऊ से सीतापुर, मोहान, कानपुर, हरदोई, रायबरेली, अयोध्या, कुर्सी रोड व सुल्तानपुर रोड शामिल है, जहां बस अड्डे बनेंगे। चारबाग और कैसरबाग बस अड्डों का लोड कम कर आधा किया जाएगा।