गोंडा जिले के मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के भिटौरा गांव में करीब दो एकड़ जमीन को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने का मामला सामने आया है। भिटौरा गांव की मनीषा सिंह की शिकायत पर जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार से जांच कराई। जांच में भी जालसाजी की पुष्टि हुई। क्रेता का नाम-पता सब फर्जी पाया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल से मुकदमे दर्ज कराने की गुहार लगाई। एसपी ने सीओ सिटी सौरभ वर्मा से गोपनीय जांच कराई। सीओ की रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने मनकापुर कोतवाली को एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई का निर्देश दिया है।
भिटौरा गांव में एक भूखंड की खरीद फरोख्त में बड़े पैमाने पर खेल हुआ है। मनीषा सिंह ने बताया कि साल 2012 में जिस जमीन का बैनामा उन्होंने तेलियनपुरवा मनकापुर निवासी बिट्टन देवी से लिया था। उसी जमीन का नगरपालिका परिषद गाेंडा के 51, जवाहरनगर की निवासी मिथलेश रस्तोगी व मनकापुर की कांती देवी ने बैनामा करा लिया। बताया कि शिकायत पर जांच हुई तो 12 सालों से लगातार मिथलेश पते पर रहती नहीं मिलीं। खोजबीन के बाद भी जांच में पाया गया कि यह नाम-पता फर्जी है। यहां तक किसी भी नोटिस में वह आज तक हाजिर तक नहीं हो सकीं।
जिलाधिकारी के आदेश पर एडीएम ने जांच में बयान के लिए क्रेता मिथलेश रस्तोगी व कांती सिंह, विक्रेता बिट्टन देवी, गवाह सहदेव यादव व चिंतामणि को नोटिस दी गई। एडीएम ने रिपोर्ट में साफ किया कि नोटिस के बाद कोई जवाब देने नहीं आया। मामले को सिविल न्यायालय में होने की रिपोर्ट भेजी और स्पष्ट किया कि वाद दायर करने के बाद मिथलेश पैरवी नहीं करतीं हैं। एडीएम की रिपोर्ट के बाद शिकायतकर्ता ने एसपी से एफआईआर की गुहार लगाई है। पुलिस कप्तान ने 14 नवंबर को एफआईआर दर्ज आदेश दिया। आदेश की प्रति मनकापुर कोतवाली पहुंच चुकी है। कोतवाल संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।